महाराष्ट्र FDA का बड़ा ऑपरेशन: छह घंटे पीछा कर पकड़ा गुटखा ट्रक, ₹1.13 करोड़ का प्रतिबंधित माल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 18 सितंबर 2026 को एक नाटकीय कार्रवाई में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू उत्पादों से लदे ट्रक को छह घंटे के पीछा के बाद चाकण-तलेगांव चौक पर काबू किया और ₹1,13,54,600 मूल्य की सामग्री जब्त की। गोपनीय सूचना पर आधारित यह ऑपरेशन दोपहर करीब 2 बजे शुरू होकर रात लगभग 8 बजे सफलता पर समाप्त हुआ।
कैसे मिली सूचना और कहाँ से शुरू हुआ पीछा
FDA को गोपनीय जानकारी मिली थी कि प्रतिबंधित गुटखा लेकर एक ट्रक मध्य प्रदेश से समृद्धि एक्सप्रेसवे के रास्ते भिवंडी, ठाणे की ओर आ रहा है। हालाँकि, निगरानी के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि चालक ने अपना निर्धारित रास्ता बदल दिया और संगमनेर के रास्ते पुणे की ओर बढ़ने लगा।
रूट परिवर्तन की जानकारी मिलते ही FDA ने तत्काल रणनीति बदली और ठाणे संभाग की टीम को मुरबाड की ओर तथा पुणे संभाग की टीम को राजगुरुनगर में तैनात कर दिया।
टोल प्लाजा पर चालक ने नहीं रोका वाहन
राजगुरुनगर टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सचिन संतावे ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और टोल प्लाजा से आगे निकल गया। इसके बाद FDA की टीमों ने स्थानीय पुलिस की मदद लेते हुए पीछा जारी रखा।
आखिरकार स्थानीय पुलिस के सहयोग से चाकण-तलेगांव चौक पर ट्रक को रोकने में सफलता मिली। रात करीब 8 बजे ट्रक को अपने कब्जे में लेने के बाद तलाशी में महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विभिन्न ब्रांड के पान मसाला और फ्लेवर्ड तंबाकू उत्पाद बरामद हुए।
जब्त सामग्री और आरोपी
जब्त प्रतिबंधित उत्पादों के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त ट्रक की कीमत ₹20 लाख आँकी गई। इस प्रकार कुल जब्त सामग्री का मूल्य ₹1,13,54,600 — यानी लगभग ₹1.13 करोड़ — बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में ट्रक चालक नफीस मेहबूब खान (40), निलेश राठी, अरुण पाटील, जेएमडी इंटरप्राइजेज और कथित ट्रांसपोर्टर संजय माटा को आरोपी बनाया गया है। रातभर दस्तावेज़ीकरण और कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद 19 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10 बजे चाकण उत्तर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया।
मकोका के तहत कार्रवाई की माँग
FDA ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड, प्रतिबंधित गुटखे की सप्लाई चेन और आर्थिक लेन-देन की गहन जाँच की जाए। साथ ही, तथ्यों के आधार पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का भी अनुरोध किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए FDA लगातार सख्ती बरत रही है। गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक फैले एक संगठित नेटवर्क की ओर संकेत करता है, जिसकी जाँच अब विस्तृत होने की संभावना है।