महिला आरक्षण विधेयक: हिबी एडेन का स्पष्ट संदेश, परिसीमन को नकारा
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस सांसद हिबी एडेन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम इस विधेयक के समर्थन में हैं। कांग्रेस ने 2023 में इस विधेयक का सर्वसम्मति से समर्थन किया है, और इसकी शुरुआत राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने इस कानून को राज्यसभा में भी पारित किया था। लेकिन आज की राजनीति में इस विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास हो रहा है। यह परिसीमन हमारी सहकारी संघीय संरचना के लिए हानिकारक होगा, जिसे हम किसी भी स्थिति में नहीं मान सकते।
उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में केरल और उत्तर प्रदेश के बीच का अंतर 60 सीटों का है। यदि यह विधेयक पारित होता है और परिसीमन होता है, तो उत्तर प्रदेश की सीटें 120 हो जाएंगी जबकि केरल की केवल 30 रह जाएंगी। इससे दोनों राज्यों के बीच का अंतर 90 सीटों का हो जाएगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर एक हमला बताया।
महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सांसद भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि हम इस विधेयक के प्रति प्रतिबद्ध हैं और संसद में सकारात्मक परिणामों की आशा करते हैं।
यूपी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि आज हमारी संसद एक ऐतिहासिक निर्णय की ओर बढ़ रही है। यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की आधी आबादी के लिए अधिकार सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
दानिश ने यह भी कहा कि देश की जनता उन सभी राजनीतिक दलों पर नजर रख रही है जो इस कदम का विरोध कर रहे हैं, और जनता ऐसे विरोध को माफ नहीं करेगी। यदि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक 'विकसित भारत' का संकल्प लिया है, तो इस मिशन में नारी शक्ति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।