28 जुलाई 2026
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किरण बेदी: महिला भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में जमीनी समझ को मिलेगी मजबूती

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किरण बेदी: महिला भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में जमीनी समझ को मिलेगी मजबूती

सारांश

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के बीच, किरण बेदी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से नीति निर्माण में जमीनी स्तर की समझ और दृष्टिकोण मजबूत होगा। जानिए इस विषय पर अन्य नेताओं की क्या राय है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
किरण बेदी ने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया है।
राजनीतिक दलों को इस बिल पर सहमति बनानी चाहिए।
महिलाओं को सुरक्षा और प्रतिनिधित्व मिलेगा।
यह बिल समाज में संतुलित विकास को बढ़ावा देगा।

नई दिल्‍ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर देशभर में विचार-विमर्श का माहौल गर्म हो गया है, और इस पर विभिन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने इस बिल के प्रभावों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन और नीति निर्माण में जमीनी स्तर की समझ और दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि लोकसभा में महिलाओं की सीटों की संख्या बढ़ने से समाज की जरूरतों को एक अलग और व्यापक दृष्टिकोण से समझा जा सकेगा। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि उनके भीतर सुरक्षा का अहसास भी मजबूत होगा और समाज में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस बीच, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना की। उनका कहना है कि नई संसद के गठन के बाद महिला आरक्षण बिल का पारित होना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

उनके अनुसार, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का यह निर्णय ऐतिहासिक है, और इस पर संसद में होने वाली चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, केवल वादे करने में नहीं बल्कि उन्हें पूरा करने में विश्वास रखती है।

अपर्णा यादव ने अपनी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़कर वह गौरवान्वित और उत्साहित महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि यह संगठन राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित है और देश की चेतना को जागृत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

राजस्थान भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष राखी राठौड़ ने भी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उनके अनुसार, इससे संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और उन्हें नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

इसी क्रम में, बिहार की पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने भी इस बिल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि संसद में 273 महिला सांसद होंगी, तो नीतियां और निर्णय महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र में सहयोग करें और इस बिल को पारित करने में योगदान दें। साथ ही, उन्होंने विपक्ष, विशेष रूप से यूपीए, पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल इसमें भाग लेने से बच रहे हैं, जबकि यह मुद्दा महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।
किरण बेदी का इस बिल पर क्या कहना है?
किरण बेदी ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीति निर्माण में जमीनी स्तर की समझ में सुधार होगा।
अपर्णा यादव ने इस बिल के बारे में क्या कहा?
अपर्णा यादव ने कहा कि यह बिल सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है और ऐतिहासिक है।
महिला आरक्षण का लाभ कैसे मिलेगा?
महिला आरक्षण से महिलाओं को नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका और समाज में सुरक्षा का अहसास होगा।
इस बिल का समर्थन कौन कर रहा है?
राजस्थान भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष राखी राठौड़ और बिहार की पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने इस बिल का समर्थन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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