कांग्रेस की मानसिकता पर केशव प्रसाद मौर्य का हमला: महिलाओं को अधिकार देने को चुनावी लाभ बताना

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कांग्रेस की मानसिकता पर केशव प्रसाद मौर्य का हमला: महिलाओं को अधिकार देने को चुनावी लाभ बताना

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की सोच को सख्त आलोचना की। मौर्य ने कहा कि यदि कांग्रेस को महिलाओं को उनके अधिकार देना चुनावी लाभ का प्रयास लगता है, तो यह एक गंभीर मानसिकता का संकेत है।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की मानसिकता पर प्रश्न उठाया गया है।
  • भाजपा ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
  • मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए एसआईआर प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
  • महिलाओं को संसद में उनकी आवाज उठाने का अवसर मिलेगा।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया गया है।

लखनऊ, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना चुनावी लाभ का प्रयास लगता है, तो यह उसकी मानसिकता की समस्या है।

लखनऊ में पत्रकारों से संवाद करते हुए मौर्य ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में २०१४ से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों से लेकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं कर सकी, जबकि भाजपा ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लागू करके ऐतिहासिक कार्य किया है।

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संदर्भ में मौर्य ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग का सम्मान करते हुए इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने बताया कि लगभग २ करोड़ वोट हटाए जाने की जानकारी मिली है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी योग्य मतदाता का नाम कट गया है, तो वह फॉर्म-६ भरकर अपना नाम जोड़वा सकता है, जबकि गलत नाम हटाने के लिए फॉर्म-७ और संशोधन के लिए फॉर्म-८ की व्यवस्था है। मौर्य के अनुसार, इस अभियान से मतदाता सूची का व्यापक शुद्धिकरण हुआ है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा का घोषणापत्र जारी होने पर मौर्य ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर निशाना साधा, यह कहते हुए कि टीएमसी सरकार ने राज्य के विकास को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने के लिए जानी जाती है और बंगाल के लिए गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर संकल्प पत्र जारी किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने का वादा भाजपा के एजेंडे का हिस्सा है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और वे संसद व विधानसभाओं में अपनी बात मजबूती से रख सकेंगी। उन्होंने इसे देश की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।

एसआईआर की प्रक्रिया पर बोलते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि पहले कई लोगों के नाम विभिन्न स्थानों पर दर्ज थे, जिन्हें इस बार हटाया गया है। मृत मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने घर-घर जाकर सत्यापन किया और जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी का नाम सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-६ भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि केशव प्रसाद मौर्य का बयान एक गंभीर राजनीतिक संदर्भ में आता है। महिलाओं के अधिकारों को चुनावी लाभ के रूप में देखना एक चिंताजनक संज्ञान है, जो हमारी राजनीतिक संस्कृति को प्रभावित कर सकता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण बिल महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में भागीदारी का अधिकार देता है, जिससे वे अपनी आवाज को मजबूती से पेश कर सकती हैं।
कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल क्यों नहीं पास किया?
कांग्रेस अपने शासनकाल में महिला आरक्षण बिल को पास नहीं कर सकी, जिसका उल्लेख केशव प्रसाद मौर्य ने किया है।
भाजपा ने महिला सशक्तिकरण के लिए क्या कदम उठाए हैं?
भाजपा ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हैं।
एसआईआर प्रक्रिया का क्या महत्व है?
एसआईआर प्रक्रिया का लक्ष्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और असत्यापित नामों को हटाना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ती है।
महिला आरक्षण बिल को समर्थन देने वाले कौन हैं?
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए इसे देश की प्रगति का महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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