मालेगांव में नाजिया इलाही खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मालेगांव में 25 जून 2026 को सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया इलाही खान के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की गई है। ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल इस्लाम के पदाधिकारियों की शिकायत पर मालेगांव सिटी पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया, जिसमें पैगम्बर इस्लाम और अन्य इस्लामी हस्तियों के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
संगठन का आरोप है कि नाजिया इलाही खान लंबे समय से मुस्लिम समुदाय और उसकी धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध विवादित बयान देती रही हैं। इससे पूर्व, ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल इस्लाम ने देशभर में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे थे। मालेगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) को भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की माँग की गई थी।
संगठन के आरोप
संगठन के प्रतिनिधि सूफी नुरुल अयन साबरी ने बताया, 'दो दिन पहले संगठन की ओर से देशभर में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था। मालेगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी एक ज्ञापन देकर नाजिया इलाही खान के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई थी।'
साबरी के अनुसार, संगठन का आरोप है कि नाजिया इलाही खान ने पैगम्बर इस्लाम, हजरत आयशा सिद्दीका और अन्य इस्लामी हस्तियों के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। इसके अतिरिक्त उन पर इस्लामिक त्योहारों और धार्मिक परंपराओं को लेकर भी विवादित बयान देने का आरोप है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
सूफी नुरुल अयन साबरी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर समुदाय में गहरा रोष और नाराजगी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जाँच और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की माँग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कदम उठाएगी।
पुलिस का रुख और आगे की जाँच
पुलिस की ओर से अभी तक मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई की माँग बढ़ी है।