हैदराबाद: उलेमाओं ने BJP नेता नाजिया इलाही खान के खिलाफ FIR की मांग, DCP को सौंपा ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के चारमीनार जोन में सोमवार, 22 जून को विभिन्न इस्लामी संगठनों के उलेमाओं और प्रतिनिधियों के एक समूह ने पुलिस उपायुक्त (DCP) किरण खरे प्रभाकर से मुलाकात कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नाजिया इलाही खान के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि खान के हालिया सार्वजनिक बयान सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा हैं और तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में क्या है
ज्ञापन में कहा गया कि नाजिया इलाही खान ने कथित तौर पर हिंदुओं से सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों में मुसलमानों का बहिष्कार करने की अपील की थी। उलेमाओं का आरोप है कि इन बयानों में न केवल आर्थिक भेदभाव को बढ़ावा दिया गया, बल्कि धार्मिक हस्तियों के प्रति भी अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने DCP से खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हैदराबाद लाने और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने की माँग रखी।
उलेमाओं का पक्ष
कादरिया इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष मौलाना सईद कादरी ने कहा, 'हम उलेमा और मशायखीन के एक समूह के रूप में इस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर DCP के पास आए हैं। इन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणी की है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने एक ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने, उन्हें गिरफ्तार कर हैदराबाद लाने और कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। हमें विश्वास है कि पुलिस प्रशासन उचित कानूनी कदम उठाएगा।'
पुलिस की प्रतिक्रिया
हैदराबाद पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। DCP किरण खरे प्रभाकर ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा, 'शिकायत में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ दिए गए कुछ बयानों पर चिंता जताई गई है, जो जनभावनाओं के विपरीत प्रतीत होते हैं। मैंने अभी संबंधित वीडियो नहीं देखे हैं, लेकिन उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच करूंगा और उसके अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।'
सांप्रदायिक संवेदनशीलता का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तेलंगाना में सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच संवाद पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। गौरतलब है कि हैदराबाद का चारमीनार क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से मिश्रित जनसांख्यिकी वाला इलाका है, जहाँ किसी भी भड़काऊ बयान का असर व्यापक हो सकता है।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा साक्ष्यों की जांच के बाद यह तय होगा कि नाजिया इलाही खान के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है या नहीं। उलेमाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपनी माँगें और तेज़ करेंगे।