14 जुलाई 2026
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ममता बनर्जी पर शिकायत: नाजिया इलाही खान का आरोप — 'रेड रोड नमाज को राजनीतिक अखाड़ा बनाया'

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ममता बनर्जी पर शिकायत: नाजिया इलाही खान का आरोप — 'रेड रोड नमाज को राजनीतिक अखाड़ा बनाया'

सारांश

BJP नेता नाजिया इलाही खान ने ममता बनर्जी पर 2012 से 2025 तक ईद की नमाज को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है। कोलकाता में दर्ज शिकायत में कुरान के नियमों के उल्लंघन और रेड रोड के दुरुपयोग का मामला उठाया गया है — यह 2019 के बाद इस मुद्दे पर दूसरी बड़ी कानूनी कार्रवाई है।

मुख्य बातें

BJP नेता नाजिया इलाही खान ने 30 मई 2026 को प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन, कोलकाता में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में ममता बनर्जी , TMC विधायक जावेद अहमद खान और मुस्लिम खिलाफत कमेटी के अध्यक्ष को नामज़द किया गया।
आरोप: रेड रोड पर ईद नमाज को राजनीतिक मंच बनाना, कुरान के नियमों का उल्लंघन और सांप्रदायिक धमकी।
2019 में भी इसी मुद्दे पर शिकायत और कलकत्ता उच्च न्यायालय में PIL दायर हो चुकी है।
नाजिया इलाही खान का आरोप — ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित किसी इस्लामिक संगठन ने इस पर आपत्ति नहीं जताई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और वकील नाजिया इलाही खान ने 30 मई 2026 को कोलकाता के प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक जावेद अहमद खान और मुस्लिम खिलाफत कमेटी के अध्यक्ष के विरुद्ध औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कथित तौर पर कुरान के नियमों के उल्लंघन, सांप्रदायिक धमकी और ईद की नमाज के लिए रेड रोड के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए

नाजिया इलाही खान के अनुसार, 2012 से 2025 के बीच ममता बनर्जी ने ईद की नमाज को राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल किया, जो उनके अनुसार इस्लामिक परंपरा और भारतीय संविधान — दोनों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा, 'इस्लामिक और कुरानिक तरीके के खिलाफ जाकर उन्होंने ईद की नमाज को राजनीति का अखाड़ा बनाया, जो संविधान के भी खिलाफ है।'

शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि रेड रोड पर आयोजित नमाज में मुस्लिम महिलाओं को कभी आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि ममता बनर्जी के लिए वहाँ एक विशेष मंच तैयार किया गया। उन्होंने पूछा, 'क्या पश्चिम बंगाल की एक भी मस्जिद है जहाँ मुस्लिम लड़कियाँ जाती हैं? कभी रेड रोड में मुस्लिम लड़कियों को बुलाकर सम्मान नहीं दिया गया।'

जावेद अहमद खान पर आरोप

नाजिया इलाही खान ने TMC विधायक जावेद अहमद खान पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को TMC कार्यकर्ता के रूप में इस्तेमाल किया और उनके पीछे गुंडे लगाए। उन्होंने सवाल किया, 'आप खुद मुसलमान हैं। आप कैसे इस्लाम के खिलाफ चले गए? हमारा कुरान कहता है कि अल्लाह और मोमिन के बीच में कोई नहीं आ सकता — लेकिन ममता बनर्जी कैसे आ गईं?'

पूर्व शिकायत और अदालती कार्रवाई

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मुद्दे पर कानूनी कदम उठाया गया हो। नाजिया इलाही खान के अनुसार, 2019 में भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई गई थी और कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई थी। उनका कहना है कि उस समय ममता बनर्जी के विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

धार्मिक संगठनों की चुप्पी पर सवाल

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी शरिया के विरुद्ध जाकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रही हैं, फिर भी किसी इस्लामिक विद्वान या ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने इसे 'चिंताजनक चुप्पी' करार दिया।

मुसलमानों के 'राजनीतिक इस्तेमाल' का आरोप

नाजिया इलाही खान ने कहा, '2012 से 2025 तक ममता बनर्जी ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया। ऐसा करके उन्होंने मुस्लिमों को आज कहीं का नहीं छोड़ा है।' यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी परवान चढ़ रही हैं। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

PIL दायर हुई, फिर भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला — जो न्यायिक प्रक्रिया की सीमाओं और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों पर सवाल खड़ा करता है। BJP द्वारा एक मुस्लिम महिला नेता को इस मुद्दे पर आगे करना रणनीतिक भी है और विचारणीय भी — यह TMC के 'मुस्लिम वोट बैंक' आख्यान को उसी समुदाय के भीतर से चुनौती देने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज इस शिकायत को महज़ BJP बनाम TMC की लड़ाई बता सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि धार्मिक सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक उपस्थिति की सीमा कहाँ तय होती है — और कौन तय करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाजिया इलाही खान ने ममता बनर्जी के खिलाफ क्या शिकायत दर्ज कराई है?
नाजिया इलाही खान ने 30 मई 2026 को कोलकाता के प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी, TMC विधायक जावेद अहमद खान और मुस्लिम खिलाफत कमेटी के अध्यक्ष के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कुरान के नियमों के उल्लंघन, सांप्रदायिक धमकी और ईद नमाज के लिए रेड रोड के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप है।
रेड रोड नमाज विवाद क्या है?
कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज का आयोजन होता रहा है, जिसमें ममता बनर्जी की उपस्थिति को लेकर विवाद है। नाजिया इलाही खान का आरोप है कि यह इस्लामिक परंपरा के विरुद्ध है क्योंकि नमाज में राजनीतिक व्यक्तित्व का मंच बनाना धार्मिक इबादत को राजनीतिक हथियार बनाना है।
क्या इससे पहले भी इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई हुई है?
हाँ, नाजिया इलाही खान के अनुसार 2019 में भी इसी मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराई गई थी और कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक PIL भी दायर की गई थी। उनका कहना है कि उस कार्रवाई का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
BJP नेता ने जावेद अहमद खान पर क्या आरोप लगाए?
नाजिया इलाही खान ने TMC विधायक जावेद अहमद खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को TMC कार्यकर्ता की तरह इस्तेमाल किया और उनके पीछे गुंडे लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि एक मुसलमान होते हुए जावेद अहमद खान ने इस्लामिक सिद्धांतों के विरुद्ध काम किया।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की इस मामले में क्या भूमिका है?
नाजिया इलाही खान ने आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य इस्लामिक विद्वानों ने ममता बनर्जी की कथित शरिया-विरुद्ध गतिविधियों पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उनके अनुसार यह चुप्पी भी उतनी ही चिंताजनक है।
राष्ट्र प्रेस
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