सयानी घोष को स्वतंत्रता का अधिकार, रेड रोड नमाज पर दिलीप घोष का तीखा बयान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने 16 जून को न्यू टाउन में मीडिया से बातचीत के दौरान रेड रोड नमाज विवाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सयानी घोष और अभिषेक बनर्जी से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ समेत कई मुद्दों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP का नेतृत्व हमेशा उसके कार्यकर्ताओं के हाथों में रहेगा।
सयानी घोष और TMC पर दिलीप घोष का रुख
TMC की ओर से अपने सांसदों को लेकर की गई टिप्पणियों पर दिलीप घोष ने कहा कि BJP का कार्यकर्ता ही पार्टी का नेतृत्व करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि TMC का कोई स्वतंत्र जनाधार नहीं है — 'अगर TMC का अपना वोट होता, तो यह दुर्दशा नहीं होती। सभी जनता के मत से जीते हैं।' सयानी घोष के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें स्वतंत्र होने का अधिकार है।
रेड रोड नमाज विवाद पर प्रतिक्रिया
रेड रोड पर नमाज के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कहा कि पिछले 107 वर्षों से वहाँ नमाज पढ़ी जाती रही है, लेकिन किसी ने यह सवाल नहीं उठाया कि इतने बड़े मैदान और इतनी मस्जिदें होते हुए भी रेड रोड को ही क्यों चुना जाता है। उन्होंने बताया कि 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र यह व्यवस्था बदली गई है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम ऐसी जगह होना चाहिए जहाँ जनसंख्या और आवागमन कम हो, ताकि सुरक्षा प्रबंध आसान हों।
मौलाना के आरोपों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि पहले कभी यह नहीं सोचा गया कि हिंदुओं को पूजा करने से रोका जाता है। उन्होंने कहा, 'जो हो रहा है, वह लोगों के हित में है। सभी को कानून के अनुसार चलने की आदत डालनी चाहिए।'
कल्याण बनर्जी और TMC की महिला सांसदों का मामला
दिलीप घोष ने बताया कि TMC की कई महिला सांसदों ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ बार-बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि सब जगह परिवर्तन हो रहा है और अब इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक बनर्जी से ED की पूछताछ
TMC नेता अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 11 घंटे की पूछताछ पर दिलीप घोष ने कहा कि यह पहली बार नहीं है — पहले भी पूछताछ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का नाम कई शिकायतों और मामलों में सामने आया है, इसलिए कार्रवाई शुरू की गई है। घोष ने कहा, 'अब देखना होगा कि यह कार्रवाई कहाँ तक जाती है।'
आगे की संभावनाएँ
दिलीप घोष के इन बयानों से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। 21 जून को प्रधानमंत्री मोदी के कोलकाता दौरे से पहले इन बयानों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।