मालवीय नगर होटल अग्निकांड: साकेत कोर्ट ने कुक केसर नेगी को दी जमानत, गवाह प्रभावित करने का कोई आधार नहीं मिला
सारांश
मुख्य बातें
साकेत कोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड मामले में गिरफ्तार कुक केसर नेगी को नियमित जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष कोई ऐसा ठोस तथ्य पेश नहीं कर सका, जिससे यह सिद्ध हो कि नेगी ने किसी गवाह को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया हो।
अदालत का तर्क और जमानत का आधार
कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से व्यक्त की गई आशंकाएँ केवल सामान्य प्रकृति की हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि महज़ आशंका के आधार पर किसी आरोपी को लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट को कोई ऐसा ठोस आधार नहीं मिला, जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि जमानत पर रिहाई से जाँच प्रक्रिया प्रभावित होगी।
जमानत की शर्तें
साकेत कोर्ट ने केसर नेगी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार, जब भी जाँच अधिकारी उन्हें जाँच में सहयोग के लिए बुलाएँ, उन्हें उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, वे अभियोजन पक्ष के किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 3 जून 2026 को नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग से जुड़ा है। इस घटना के संबंध में मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। केसर नेगी को 6 जून 2026 से न्यायिक हिरासत में रखा गया था, यानी वे लगभग सात सप्ताह हिरासत में रहे।
बचाव पक्ष की दलीलें
जमानत याचिका में केसर नेगी की ओर से तर्क दिया गया कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फँसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि नेगी होटल में केवल वेतनभोगी शेफ के रूप में कार्यरत थे और होटल के संचालन, प्रबंधन या अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में उनका कोई मालिकाना अधिकार या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं थी।
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि एफआईआर और गिरफ्तारी मेमो में ऐसे आवश्यक तथ्य दर्ज नहीं हैं, जिनसे उन पर लगाए गए आरोपों के सभी कानूनी तत्व पूरे होते हों। किसी भी दस्तावेज़ में नेगी की ओर से कोई विशेष लापरवाही या ऐसा कार्य नहीं बताया गया, जिससे आग की घटना को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनसे जोड़ा जा सके।
आगे क्या होगा
जमानत मिलने के बाद भी केसर नेगी को जाँच में पूर्ण सहयोग देना होगा और अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड की जाँच अभी जारी है और मामले में अन्य आरोपियों की कानूनी स्थिति पर भी अदालत का फैसला आना बाकी है।