ममता बनर्जी पर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया: क्या है 'इमोशनल ब्लैकमेल' का सच?
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी का जान को खतरा बताना विवाद का विषय बना हुआ है।
- भाजपा नेताओं ने इसे 'इमोशनल ब्लैकमेल' कहा है।
- बंगाल की जनता इस बार ममता को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।
पटना, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपनी जान को खतरा बताने पर बिहार भाजपा के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी 'इमोशनल ब्लैकमेल' कर रही हैं, लेकिन इस बार बंगाल की जनता उन्हें सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि, "उनसे (ममता बनर्जी) हर किसी को खतरा है। नागरिकों की जान खतरे में है और आप कोलकाता या पूरे बंगाल में कहीं भी जाएं, लोग दहशत में हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि ममता छोटी-मोटी बातें कहकर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं होगा। इस बार उनका जाना तय है।
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने बयान में कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार के कारण कई लोगों की जान गई है। जो भी सच्चाई बोलने की हिम्मत करता है, उसकी जान को खतरा पैदा हो जाता है। वे केवल 'इमोशनल ब्लैकमेल' कर रही हैं और जनता को बेवकूफ बनाने में लगी हैं, पर अब जनता उनकी बातों को नहीं मानेगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि ममता को यह एहसास हो गया है कि इस बार जनता उन्हें पूरी तरह से खत्म करने का इरादा रखती है। इसलिए वे विभिन्न प्रकार के बयान देती रहती हैं। कभी वे हिंसा भड़काने की बातें करती हैं और कभी यह कहती हैं कि मांस-भात खत्म हो जाएगा। इस तरह वे 'इमोशनल ब्लैकमेल' कर रही हैं, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने 15 साल में बंगाल की जनता को बर्बाद कर दिया है। ममता का विकास का दावा बेमानी है।
बिहार के मंत्री दिलीप जयसवाल ने ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ममता बनर्जी नाटक कर रही हैं। उन्हें नाटक करने में काम करना चाहिए। उन्होंने हमेशा पश्चिम बंगाल की जनता को ठगने का काम किया है। वर्तमान में बंगाल का विकास नहीं हुआ है और वहां की जनता राज्य से बाहर निकलना चाहती है। इसलिए भाजपा की सरकार बंगाल में बनने जा रही है। इसी कारण से ममता बनर्जी अपना आपा खो बैठी हैं।"