ममता बनर्जी ने भाजपा पर मतदाता अधिकारों के हनन का आरोप लगाया

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ममता बनर्जी ने भाजपा पर मतदाता अधिकारों के हनन का आरोप लगाया

सारांश

कोलकाता में ईद के मौके पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर मतदाता अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना की और कहा कि उनकी लड़ाई इस अन्याय के खिलाफ जारी रहेगी।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने मतदान अधिकारों के हनन पर चिंता जताई।
उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर कड़े आरोप लगाए।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही।
सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
ईसीआई की नई घोषणा का भी उल्लेख किया।

कोलकाता, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार सुबह ईद के अवसर पर आयोजित एक सभा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के पीछे उनके विचार ही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं भाजपा या प्रधानमंत्री को कभी भी आपके मतदान के अधिकारों को छीनने नहीं दूंगी। वे अक्सर कुछ लोगों को घुसपैठिया बताते हैं, लेकिन असली घुसपैठिये तो खुद हैं। जब वे सऊदी अरब या दुबई जाते हैं, तब वे हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को भूल जाते हैं, लेकिन जब लौटते हैं, तो मतदाता सूची से कुछ नाम हटाने के बारे में सोचते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में कई नाम मतदान सूची से हटा दिए गए हैं और इस मुद्दे के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले में उन्होंने पहुंच बनाई है।

उनकी यह टिप्पणी भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा की गई उस घोषणा के मद्देनजर आई है, जिसमें कहा गया है कि "तार्किक विसंगति" के रूप में वर्गीकृत मामलों की पहली पूरक सूची 23 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने वालों को नरक में जाना चाहिए। यहां सांप्रदायिक सद्भाव की एक लंबी परंपरा है और धर्म के नाम पर विभाजन के सभी प्रयासों का विरोध किया जाएगा।"

इस सभा में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने भी सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर भी जोर देता है। मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा के खिलाफ एक स्पष्ट चुनौती प्रस्तुत करता है, जो कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने भाजपा पर मतदाता अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस प्रक्रिया के पीछे हैं।
ईद के मौके पर इस सभा का महत्व क्या है?
यह सभा सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और मतदान अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है?
हाँ, उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
भाजपा के घुसपैठिया कहने का क्या अर्थ है?
यह आरोप उन लोगों पर है, जिन्हें भाजपा घुसपैठिया मानती है, जबकि ममता का कहना है कि असली घुसपैठिये खुद हैं।
इस विषय पर भारतीय चुनाव आयोग का क्या कहना है?
ईसीआई ने कहा है कि मतदाता सूची में "तार्किक विसंगति" को लेकर एक पूरक सूची 23 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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