मणिपुर में 'वॉर ऑन ड्रग्स': एक साल में 3,000 एकड़ अफीम की खेती नष्ट, 467 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 19 अक्टूबर 2026 को इंफाल में घोषणा की कि राज्य सरकार के 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के तहत पिछले एक वर्ष में लगभग 3,000 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के अंतर्गत 307 मामले दर्ज किए गए हैं और 467 नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री फर्स्ट बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और अफीम की अवैध खेती को समूल नष्ट करने के लिए 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया और अखबारों में इस अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं, उनके संदेहों के बावजूद सरकार की प्रतिबद्धता पूरी तरह अटल है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियाँ राज्यभर में सक्रिय ड्रग नेटवर्क की पहचान, निगरानी और उन्मूलन के अपने प्रयास लगातार तेज़ कर रही हैं।
जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि और शांति बहाली
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 3 मई 2023 को भड़की अभूतपूर्व जातीय हिंसा के कारण कुछ युवाओं ने हथियार उठा लिए थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए ठोस प्रयास किए, जिनके परिणामस्वरूप लोगों ने स्वेच्छा से हथियार सौंपे हैं।
शांति, सुलह और सामान्य स्थिति की बहाली के प्रयासों के तहत दो प्रतिबंधित संगठनों — केसीपी-पीडब्ल्यूजी और केसीपी-तैबांगनबा — के सदस्यों की घर वापसी के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव के बीच कानून-व्यवस्था की स्थिति को सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं।
पुलिस बल का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस बल को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। 'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता' (ASUMP) योजना के तहत परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए 477 वाहन खरीदे जा रहे हैं, जिनमें 60 हल्के बुलेटप्रूफ वाहन और 15 माइन-प्रोटेक्टेड वाहन शामिल हैं।
पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 2008 से प्रत्येक वर्ष 19 अक्टूबर को मणिपुर पुलिस का स्थापना दिवस गर्व के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बल दशकों के उग्रवाद-विरोधी संघर्ष से लेकर बदलती जनसांख्यिकीय और तकनीकी चुनौतियों तक, हर कठिन दौर में डटकर खड़ा रहा है।
खेल उपलब्धियाँ और पुरस्कार
समारोह में पुलिसकर्मियों की खेल उपलब्धियों की भी सराहना की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सैखोम मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक और 2026 के एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीता, जबकि पुलिस उपाधीक्षक एन. रोशिबिना देवी ने 2026 के एशियाई खेलों में वुशु में रजत पदक हासिल किया।
'मणिपुर पुलिस बेस्ट बटालियन अवार्ड 2026' मणिपुर राइफल्स की दूसरी बटालियन को, 'बेस्ट पुलिस स्टेशन अवार्ड 2026' बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर पुलिस थाने को, और 'बेस्ट पुलिस ऑफिसर अवार्ड 2026' उखरुल जिले के महिला पुलिस थाने की उप-निरीक्षक होर्थिंगवोन लुंगलेन्ग को प्रदान किया गया। समारोह में मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह, गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, विधायकगण, मुख्य सचिव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि मणिपुर पूर्वोत्तर भारत के उन राज्यों में है जहाँ म्यांमार सीमा से लगे क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी एक गंभीर चुनौती रही है। 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के आँकड़े आने वाले समय में इस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।