23 जुलाई 2026
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मणिपुर में ₹1.5 करोड़ की ब्राउन शुगर और ₹22 लाख की अफीम जब्त, पाँच तस्कर गिरफ्तार

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मणिपुर में ₹1.5 करोड़ की ब्राउन शुगर और ₹22 लाख की अफीम जब्त, पाँच तस्कर गिरफ्तार

सारांश

मणिपुर में एक ही दिन तीन एंटी-ड्रग ऑपरेशन — ₹1.5 करोड़ की ब्राउन शुगर, ₹22 लाख की अफीम जब्त और पाँच तस्कर गिरफ्तार। सभी मादक पदार्थ कथित तौर पर म्यांमार से आए, जो मणिपुर के साथ 400 किमी की बिना बाड़ वाली सीमा साझा करता है।

मुख्य बातें

मणिपुर पुलिस और NCB की संयुक्त कार्रवाई में 23 जुलाई 2026 को तीन अलग-अलग ऑपरेशन में पाँच तस्कर गिरफ्तार।
चुराचांदपुर जिले से प्रमुख ड्रग सप्लायर नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी गिरफ्तार; NDPS अधिनियम के तहत कई मामलों में वांछित था।
इंफाल पूर्वी जिले में 3.66 किग्रा संदिग्ध अफीम ( ₹22 लाख मूल्य) जब्त; तीन तस्कर — अनिल दास, रोशन बसनेत, गोमा कार्की — पकड़े गए।
महिला तस्कर तिन्नई थाडौ (52) से 1.6 किग्रा संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद, अनुमानित कीमत ₹1.5 करोड़ से अधिक।
सभी मादक पदार्थ कथित तौर पर म्यांमार से आए; मणिपुर के साथ 400 किमी लंबी बिना बाड़ वाली सीमा तस्करी का प्रमुख मार्ग।
राज्य में 112 नाकेबंदी चौकियाँ सक्रिय; NH-37 पर काफिला सुरक्षा जारी।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 23 जुलाई 2026 को अलग-अलग तीन एंटी-ड्रग ऑपरेशन में पाँच ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक महिला और एक प्रमुख नारकोटिक्स आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों में ₹1.5 करोड़ से अधिक मूल्य की संदिग्ध ब्राउन शुगर और ₹22 लाख मूल्य की संदिग्ध अफीम बरामद की गई, जो कथित तौर पर पड़ोसी देश म्यांमार से तस्करी कर लाई गई थी।

पहला ऑपरेशन: प्रमुख सप्लायर गिरफ्तार

मणिपुर पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर जिले के एक होटल से नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यक्ति एक प्रमुख ड्रग आपूर्तिकर्ता है और NCB, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) तथा मणिपुर पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज कई मामलों में वांछित था। चुराचांदपुर जिला मिजोरम के साथ राज्य सीमा और म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।

दूसरा ऑपरेशन: ₹22 लाख की अफीम, तीन तस्कर पकड़े

इंफाल पूर्वी जिले के मंत्रीपुखरी बाज़ार और आसपास के क्षेत्र में चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों ने 3.66 किलोग्राम संदिग्ध अफीम जब्त की, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹22 लाख बताई गई है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों — अनिल दास (75), रोशन बसनेत (48) और गोमा कार्की (33) — को गिरफ्तार किया गया, जो राज्य के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, यह मादक पदार्थ म्यांमार से आया था।

तीसरा ऑपरेशन: महिला तस्कर से ₹1.5 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद

मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के सोंगजा खोपी गाँव इलाके से तिन्नई थाडौ (52) को गिरफ्तार किया। वह पर्वतीय चंदेल जिले के सुगनू क्षेत्र की निवासी हैं। उनके कब्जे से 1.6 किलोग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.5 करोड़ से अधिक है।

म्यांमार कनेक्शन और तस्करी नेटवर्क

अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए अधिकांश मादक पदार्थ म्यांमार से आए हैं, जो मणिपुर के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा साझा करता है। गौरतलब है कि म्यांमार दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादकों में से एक है, विशेषकर उसके उत्तरी क्षेत्रों — काचिन और शान राज्य — में। यह जब्ती पिछले कई महीनों से मणिपुर में सक्रिय म्यांमार से जुड़े तस्करी नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

व्यापक सुरक्षा अभियान जारी

केंद्र और राज्य दोनों के सुरक्षा बलों ने राज्य भर में तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास जारी रखा है। सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में कुल 112 नाकेबंदी चौकियाँ स्थापित की गई हैं। सुरक्षा बल इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर आवश्यक वस्तुएँ ले जाने वाले वाहनों को भी सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। मणिपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी वीडियो पर ध्यान न दें। आने वाले दिनों में इस तस्करी नेटवर्क के और सूत्रों तक पहुँचने के लिए जाँच जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 400 किमी की बिना बाड़ वाली म्यांमार सीमा पर बुनियादी ढाँचागत खामियाँ कब दूर होंगी। म्यांमार के काचिन और शान क्षेत्र में अफीम उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है, और मणिपुर की जातीय अशांति ने तस्करी नेटवर्क को और पनपने का मौका दिया है। गिरफ्तारियाँ तत्काल राहत देती हैं, लेकिन जब तक सीमा प्रबंधन और पुनर्वास नीति पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 23 जुलाई को हुई ड्रग बरामदगी में क्या-क्या जब्त हुआ?
23 जुलाई 2026 को तीन अलग-अलग ऑपरेशन में ₹1.5 करोड़ से अधिक मूल्य की 1.6 किलोग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर और ₹22 लाख मूल्य की 3.66 किलोग्राम संदिग्ध अफीम जब्त की गई। कथित तौर पर सभी मादक पदार्थ म्यांमार से तस्करी कर लाए गए थे।
गिरफ्तार किए गए पाँच तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार तस्करों में नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी (प्रमुख ड्रग सप्लायर), अनिल दास (75), रोशन बसनेत (48), गोमा कार्की (33) और महिला तस्कर तिन्नई थाडौ (52) शामिल हैं। ये सभी राज्य के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।
मणिपुर में म्यांमार से ड्रग तस्करी कैसे होती है?
मणिपुर म्यांमार के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो तस्करों के लिए प्रमुख मार्ग बन गई है। म्यांमार के काचिन और शान राज्य दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं।
नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी की गिरफ्तारी क्यों अहम है?
नेंगजतुआन उर्फ तुआनपी एक प्रमुख ड्रग आपूर्तिकर्ता है और NCB, DRI तथा मणिपुर पुलिस द्वारा NDPS अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज कई मामलों में वांछित था। उसे चुराचांदपुर जिले के एक होटल से पकड़ा गया।
मणिपुर में अभी सुरक्षा की क्या स्थिति है?
राज्य में 112 नाकेबंदी चौकियाँ सक्रिय हैं और इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर काफिला सुरक्षा जारी है। केंद्र और राज्य दोनों के सुरक्षा बल तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास चला रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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