मन की बात 133: PM मोदी ने कच्छ की 'फ्लेमिंगो सिटी' को सराहा, राजहंसों को बताया 'लाखा जी के बाराती'

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मन की बात 133: PM मोदी ने कच्छ की 'फ्लेमिंगो सिटी' को सराहा, राजहंसों को बताया 'लाखा जी के बाराती'

सारांश

PM मोदी ने मन की बात के 133वें एपिसोड में कच्छ के रण की 'फ्लेमिंगो सिटी' की तारीफ की, राजहंसों को 'लाखा जी के बाराती' कहा। साथ ही पूर्वोत्तर की बांस क्रांति, छत्तीसगढ़ में काले हिरण की वापसी और UP की 'गज मित्र' पहल की भी सराहना की।

Key Takeaways

  • 26 अप्रैल 2025 को प्रसारित मन की बात के 133वें एपिसोड में पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के कई उदाहरण साझा किए।
  • कच्छ के रण में हर साल लाखों फ्लेमिंगो आते हैं, जिससे यह क्षेत्र 'फ्लेमिंगो सिटी' के नाम से जाना जाता है।
  • कच्छ के स्थानीय लोग इन पक्षियों को 'लाखा जी के बाराती' कहते हैं — पीएम ने इस लोक-परंपरा को राष्ट्रीय मंच दिया।
  • पूर्वोत्तर भारत में बांस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जिसका सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिल रहा है।
  • छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों के बाद एक बार फिर खुले मैदानों में दिखने लगे हैं।
  • उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए 'गज मित्र' पहल शुरू की गई है।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने बहुचर्चित रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड में गुजरात के कच्छ के रण में हर वर्ष आने वाले लाखों फ्लेमिंगो (राजहंस) पक्षियों की अद्भुत दुनिया और उनके संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस क्षेत्र को 'फ्लेमिंगो सिटी' की संज्ञा देते हुए इन पक्षियों को पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक बताया।

कच्छ का रण बना 'फ्लेमिंगो सिटी'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "बरसात खत्म होते ही कच्छ के रण की धरती जीवंत हो जाती है। हर साल लाखों फ्लेमिंगो यहां आते हैं और पूरा इलाका गुलाबी रंग से रंग जाता है, इसीलिए इसे 'फ्लेमिंगो सिटी' कहा जाता है।" उन्होंने बताया कि ये पक्षी यहीं अपने घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को पालते-पोसते हैं।

पीएम ने कच्छ के स्थानीय लोगों की भावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के निवासी इन फ्लेमिंगो को 'लाखा जी के बाराती' कहकर पुकारते हैं। उन्होंने कहा, "अब लाखा जी के ये बाराती कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक बन गए हैं।" यह लोक-संस्कृति और प्रकृति का अनूठा संगम है जो कच्छ की पहचान को और गहरा करता है।

पूर्वोत्तर की बांस क्रांति — महिलाओं को मिली नई उड़ान

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर भारत को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और प्रतिभा अद्वितीय है। उन्होंने बांस क्षेत्र में पूर्वोत्तर की उल्लेखनीय सफलता का जिक्र किया और कहा कि जिस चीज को कभी बोझ समझा जाता था, वह आज रोजगार, कारोबार और नवाचार की नई इबारत लिख रही है।

पीएम ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि माताओं और बहनों को इस बांस क्रांति का सबसे बड़ा लाभ मिल रहा है। यह उल्लेख महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ में काले हिरण की वापसी — संरक्षण की सफलता

मध्य भारत से एक उत्साहजनक खबर साझा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण (ब्लैकबक) एक बार फिर खुले मैदानों में विचरण करते दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी संख्या पहले काफी घट गई थी, लेकिन निरंतर संरक्षण प्रयासों के चलते अब इनकी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उत्तर प्रदेश में 'गज मित्र' — इंसान और हाथी के बीच सेतु

उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में फसल कटाई के मौसम में हाथियों के झुंड गांवों के नजदीक आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए अब उत्तर प्रदेश में 'गज मित्र' जैसी अभिनव पहल शुरू की गई है, जो इंसानों और हाथियों के बीच सहअस्तित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गौरतलब है कि मन की बात कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच देता आया है। 26 अप्रैल 2025 को प्रसारित इस 133वें एपिसोड में पीएम मोदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। आने वाले महीनों में कच्छ के रण में फ्लेमिंगो पर्यटन और संरक्षण परियोजनाओं को और बढ़ावा मिलने की संभावना है।

Point of View

लेकिन इस एपिसोड में पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के जो उदाहरण चुने — फ्लेमिंगो, काला हिरण, गज मित्र — वे दरअसल एक बड़ी रणनीतिक कथा बुन रहे हैं: भारत को 'ग्रीन सुपरपावर' के रूप में स्थापित करना। कच्छ की 'फ्लेमिंगो सिटी' को राष्ट्रीय मंच देना गुजरात के पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक सुविचारित कदम है। सवाल यह है कि क्या इन प्रतीकात्मक घोषणाओं के साथ जमीनी स्तर पर वन्यजीव बजट और संरक्षण तंत्र भी उतनी ही तेजी से मजबूत हो रहा है — यह जवाबदेही की कसौटी है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज कर देती है।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

मन की बात के 133वें एपिसोड में पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने 26 अप्रैल 2025 को प्रसारित मन की बात के 133वें एपिसोड में कच्छ की 'फ्लेमिंगो सिटी', पूर्वोत्तर की बांस क्रांति, छत्तीसगढ़ में काले हिरण की वापसी और यूपी की 'गज मित्र' पहल पर चर्चा की। उन्होंने फ्लेमिंगो पक्षियों को 'लाखा जी के बाराती' कहकर कच्छ की लोक-संस्कृति को सम्मान दिया।
कच्छ को 'फ्लेमिंगो सिटी' क्यों कहा जाता है?
कच्छ के रण में हर साल मॉनसून के बाद लाखों फ्लेमिंगो (राजहंस) पक्षी आते हैं और घोंसले बनाते हैं, जिससे पूरा इलाका गुलाबी रंग में रंग जाता है। इसी कारण इस क्षेत्र को 'फ्लेमिंगो सिटी' कहा जाता है।
'लाखा जी के बाराती' किसे कहते हैं?
कच्छ के स्थानीय लोग फ्लेमिंगो पक्षियों को 'लाखा जी के बाराती' कहते हैं, जो एक लोकप्रिय स्थानीय संज्ञा है। पीएम मोदी ने मन की बात में इस परंपरागत नाम का उल्लेख करते हुए इन पक्षियों को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बताया।
उत्तर प्रदेश में 'गज मित्र' पहल क्या है?
'गज मित्र' पहल उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए शुरू की गई है। फसल कटाई के मौसम में हाथियों के गांवों के नजदीक आने से टकराव का खतरा बढ़ता था, इस पहल से इंसानों और वन्यजीवों के बीच सहअस्तित्व को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण की क्या स्थिति है?
छत्तीसगढ़ में काले हिरण (ब्लैकबक) की संख्या पहले काफी घट गई थी, लेकिन निरंतर संरक्षण प्रयासों के बाद अब ये खुले मैदानों में फिर से दिखने लगे हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में इसे मध्य भारत से आई एक उत्साहजनक खबर बताया।
Nation Press