मन्नारा चोपड़ा ने श्री चामुंडेश्वरी मंदिर में दी नवरात्रि की शुभकामनाएं
सारांश
Key Takeaways
- श्री चामुंडेश्वरी मंदिर कर्नाटक के मैसूर में स्थित है।
- यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है।
- महिषासुर का वध इसी स्थल पर हुआ था।
- नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा होती है।
- मंदिर का निर्माण १२वीं शताब्दी में हुआ था।
मुंबई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूरे देश में चैत्र नवरात्रि का उल्लास देखने को मिल रहा है। सभी देवी मंदिरों में हर दिन माता के नौ अलग-अलग रूपों की विधि अनुसार पूजा की जा रही है।
इसी दौरान, अभिनेत्री और मॉडल मन्नारा चोपड़ा ने कर्नाटक के मैसूर में स्थित प्रसिद्ध श्री चामुंडेश्वरी मंदिर से कुछ खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं।
अभिनेत्री ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर पीले रंग की साड़ी में खूबसूरत तस्वीरें साझा करते हुए, अपने फैंस को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। क्या आप जानते हैं इस मंदिर की खासियत क्या है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं।
श्री चामुंडेश्वरी मंदिर, जो कर्नाटक के मैसूर में स्थित है, एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर ३,३०० से अधिक फीट की ऊंचाई पर स्थित है। देवी दुर्गा को समर्पित इस मंदिर को शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, यहां यह मान्यता है कि माता सती के केश यहां गिरे थे।
यह मंदिर देवी चामुंडा, जो शक्ति, युद्ध और विजय की देवी हैं, को समर्पित है। मान्यता है कि १२वीं शताब्दी में होयसला राजवंश के राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए बल्कि यहाँ से दिखाई देने वाले मनोरम दृश्यों के लिए भी प्रसिद्ध है। मंदिर की पहाड़ी से पूरे मैसूर शहर का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।
मान्यता है कि देवी दुर्गा ने इसी पहाड़ी की चोटी पर राक्षस महिषासुर का वध किया था। मंदिर के गर्भगृह में माता चामुंडेश्वरी देवी की अष्टभुजाओं से सुसज्जित प्रतिमा स्थापित है। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिन माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, और इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। देश-विदेश से हजारों भक्त और पर्यटक माता के दर्शन के लिए आते हैं।