मनोज पांडे: पांच राज्यों के चुनाव में जनता भाजपा को नकारेगी
सारांश
Key Takeaways
- मनोज पांडे का भाजपा के खिलाफ बयान
- पांच राज्यों के चुनाव में जनता का रुख बदलने की संभावना
- गठबंधन की संभावनाएँ चर्चा में हैं
- कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन
- भाजपा के पतन की शुरुआत का संकेत
रांची, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता मनोज पांडे ने कहा कि इन पांच राज्यों के चुनाव में जनता भारतीय जनता पार्टी को नकारने का काम करेगी।
रांची में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए मनोज पांडे ने बताया कि यह चुनाव भारत की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इन राज्यों में लोग भाजपा का विरोध करेंगे और यह भाजपा के पतन की शुरुआत होगी। असम में हम चुनाव में पूरी ताकत और तत्परता के साथ उतरेंगे। वहाँ असम टी ट्राइब के लोग, जो झारखंड और ओडिशा से पलायन कर आए हैं, हमारे समर्थन में हैं।
हम उनकी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हेमंत सोरेन जी ने इस कार्यवाही की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है और वहाँ जो समर्थन मिल रहा है, उसके चलते आने वाले दिनों में हिमंता बिस्वा सरमा इतिहास में दर्ज हो जाएंगे।
असम विधानसभा चुनाव में गठबंधन पर मनोज पांडे ने कहा कि इस विषय पर बाद में चर्चा होगी। हमारे शीर्ष नेता तय करेंगे कि गठबंधन के संदर्भ में क्या किया जाना चाहिए, लेकिन हम वहाँ चुनाव में पूरी मुस्तैदी से लड़ेंगे। इस बार का चुनाव हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। हमारे बिना वहाँ कोई सरकार नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारे नेता हेमंत सोरेन को लेना है। यह उनका अधिकार है और वही अंतिम निर्णय करेंगे। समान विचारधारा वाली पार्टियों से कई जगहों से ऑफर आए हैं, लेकिन अंतिम निर्णय वही करेंगे।
कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर मनोज पांडे ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, और वह पहले भी असम में शासन कर चुकी है। हमें जो समर्थन मिल रहा है, वह स्वाभाविक है। यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा को उचित स्थान मिलता है, तो निश्चित रूप से हमारे नेता इस पर अंतिम निर्णय लेंगे।
राहुल गांधी द्वारा बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर मनोज पांडे ने कहा कि कांशीराम सामाजिक न्याय के अग्रणी नेता थे और उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए। हम इस मांग का समर्थन करते हैं।