मारुति सुजुकी के खरखौदा दूसरे प्लांट में उत्पादन शुरू, कुल क्षमता 26.5 लाख यूनिट हुई

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मारुति सुजुकी के खरखौदा दूसरे प्लांट में उत्पादन शुरू, कुल क्षमता 26.5 लाख यूनिट हुई

सारांश

मारुति सुजुकी ने खरखौदा में दूसरा प्लांट चालू करके देशभर की कुल उत्पादन क्षमता 26.5 लाख यूनिट तक पहुँचा दी है। पूरी तरह चालू होने पर खरखौदा परिसर 10 लाख वाहन सालाना बनाने वाला सुजुकी का वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े केंद्रों में से एक बनेगा।

मुख्य बातें

मारुति सुजुकी इंडिया ने 18 मई 2026 को खरखौदा (हरियाणा) के दूसरे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया।
दूसरे प्लांट की क्षमता 2.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष; खरखौदा परिसर की कुल क्षमता अब 5 लाख यूनिट सालाना।
कंपनी की चारों साइटों (गुरुग्राम, मानेसर, खरखौदा, हंसलपुर) की कुल वार्षिक क्षमता बढ़कर 26.5 लाख यूनिट हुई।
पूर्ण क्षमता पर खरखौदा प्लांट 10 लाख वाहन सालाना बनाएगा — सुजुकी के सबसे बड़े वैश्विक केंद्रों में से एक।
प्लांट में फिलहाल ब्रेजा और विक्टोरिस एसयूवी का निर्माण; आधारशिला अगस्त 2022 में PM मोदी ने रखी थी।
कंपनी के NSE शेयर सोमवार को 1.97% गिरकर ₹12,960 पर थे।

मारुति सुजुकी इंडिया ने 18 मई 2026 को घोषणा की कि उसने हरियाणा के खरखौदा स्थित मैन्युफैक्चरिंग परिसर के दूसरे प्लांट में वाणिज्यिक उत्पादन आरंभ कर दिया है। इस विस्तार के साथ कंपनी की देशभर में कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.5 लाख यूनिट हो गई है।

नए प्लांट की क्षमता और खरखौदा का योगदान

दूसरे प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख यूनिट है, जिससे खरखौदा परिसर की संयुक्त क्षमता 5 लाख यूनिट प्रति वर्ष हो गई है। कंपनी के अनुसार, पूरी तरह चालू होने पर खरखौदा प्लांट की कुल क्षमता 10 लाख वाहन प्रति वर्ष तक पहुँचेगी, जिससे यह वैश्विक स्तर पर सुजुकी के सबसे बड़े चार पहिया वाहन उत्पादन केंद्रों में शामिल हो जाएगा।

रणनीतिक विस्तार योजना के अनुरूप

मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान उत्पादन क्षमता में 5 लाख यूनिट जोड़ने की योजना पहले ही घोषित की थी। दूसरे प्लांट का चालू होना उसी रणनीति की कड़ी है। गुरुग्राम, मानेसर, खरखौदा (हरियाणा) और हंसलपुर (गुजरात) — इन चारों स्थानों पर मिलकर अब कंपनी की कुल क्षमता 26.5 लाख यूनिट सालाना है।

खरखौदा में कौन से वाहन बनते हैं

वर्तमान में खरखौदा प्लांट में कंपनी की कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा और मिड-साइज एसयूवी विक्टोरिस का निर्माण होता है। इस प्लांट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2022 में रखी थी।

रेल लॉजिस्टिक्स में उपलब्धि

मई में कंपनी ने यह भी बताया कि उसने भारतीय रेलवे नेटवर्क के ज़रिये 30 लाख से अधिक वाहनों की डिलीवरी का मील का पत्थर पार कर लिया है। रेल द्वारा डिलीवरी का अनुपात वित्त वर्ष 2014-15 के 5% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 26.5% हो गया है — जो आपूर्ति श्रृंखला में एक उल्लेखनीय बदलाव है।

शेयर बाज़ार पर असर

इस घोषणा के बावजूद मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में सोमवार को दबाव देखा गया। दोपहर 2:30 बजे IST पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर 1.97% की गिरावट के साथ ₹12,960 पर कारोबार कर रहा था। बढ़ती घरेलू माँग और निर्यात पर बढ़ते फोकस के बीच कंपनी की विस्तार योजना आने वाले वर्षों में उसकी बाज़ार स्थिति को और मज़बूत कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर शेयर में गिरावट बताती है कि बाज़ार अभी मुनाफे पर असर का इंतज़ार कर रहा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मारुति सुजुकी के खरखौदा दूसरे प्लांट में क्या बनेगा?
खरखौदा प्लांट में वर्तमान में कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा और मिड-साइज एसयूवी विक्टोरिस का निर्माण होता है। दूसरे प्लांट के चालू होने से इन्हीं मॉडलों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
खरखौदा प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता कितनी होगी?
पूरी तरह चालू होने पर खरखौदा परिसर की कुल उत्पादन क्षमता 10 लाख वाहन प्रति वर्ष होगी, जिससे यह सुजुकी के वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े चार पहिया वाहन उत्पादन केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
मारुति सुजुकी की अब कुल उत्पादन क्षमता कितनी है?
गुरुग्राम, मानेसर, खरखौदा (हरियाणा) और हंसलपुर (गुजरात) के प्लांट मिलाकर मारुति सुजुकी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता अब 26.5 लाख यूनिट हो गई है।
खरखौदा प्लांट की नींव कब और किसने रखी थी?
खरखौदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2022 में रखी थी। यह मारुति सुजुकी का हरियाणा में तीसरा और देश में चौथा प्रमुख उत्पादन केंद्र है।
मारुति सुजुकी रेल के ज़रिये कितने वाहन पहुँचा चुकी है?
कंपनी ने मई 2026 तक भारतीय रेलवे नेटवर्क के माध्यम से 30 लाख से अधिक वाहनों की डिलीवरी का आँकड़ा पार कर लिया है। रेल डिलीवरी का हिस्सा वित्त वर्ष 2014-15 के 5% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 26.5% हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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