31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जी-7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात: मैरी मिलबेन की अपील — भारत का भरोसा जीतें, माफी माँगें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जी-7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात: मैरी मिलबेन की अपील — भारत का भरोसा जीतें, माफी माँगें

सारांश

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने राष्ट्रपति ट्रंप से खुली अपील की है — 17 जून को जी-7 में पीएम मोदी से मिलें, माफी माँगें और भारत-अमेरिका संबंधों को सच में रीसेट करें। उनके अनुसार यह मुलाकात ट्रंप को ज़्यादा जरूरी है, मोदी को नहीं।

मुख्य बातें

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने 14 जून 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक अपील की।
मिलबेन ने कहा — ट्रंप को 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी से माफी माँगनी चाहिए।
उन्होंने जी-7 को भारत-अमेरिका संबंधों के रीसेट के लिए 'रणनीतिक अवसर' बताया।
मिलबेन के अनुसार यह मुलाकात ट्रंप को ज़्यादा जरूरी है , प्रधानमंत्री मोदी को नहीं।
बैठक कनाडा में होने की संभावना है; व्यापार, रक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख एजेंडे पर।

अमेरिकी गायिका और भारत-अमेरिका संबंधों की प्रबल समर्थक मैरी मिलबेन ने 14 जून 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक अपील की है कि वे 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात का उपयोग अमेरिका-भारत संबंधों को वास्तविक रूप से 'रीसेट' करने के लिए करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी से माफी माँगनी चाहिए और भारतीय जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

मुलाकात का महत्व और मिलबेन का आह्वान

मिलबेन ने कहा कि 17 जून को कनाडा में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात दोनों देशों के लिए एक निर्णायक क्षण है। उनके अनुसार, हाल के तनावों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का इस बैठक में शामिल होने का निर्णय 'काफी शालीनता भरा' है।

मिलबेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह मुलाकात प्रधानमंत्री को उतनी जरूरी नहीं है, जितनी राष्ट्रपति ट्रंप को है।' उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे इस अवसर को रणनीतिक दृष्टि से देखें और संबंधों को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाएँ।

मिलबेन के प्रमुख बयान

मिलबेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह अच्छा होगा कि वे जी-7 शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल अमेरिका और भारत के रिश्तों को सुधारने के अवसर के रूप में करें।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'जी-7 शिखर सम्मेलन को एक रणनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करें, ताकि अमेरिका-भारत संबंधों को सच में रीसेट किया जा सके।'

अपनी अपील के अंत में उन्होंने एक व्यक्तिगत भावना भी व्यक्त की — 'मैं इस समय राष्ट्रपति के लिए समझदारी की प्रार्थना कर रही हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को इस मुलाकात का पूरा उपयोग करना चाहिए ताकि प्रधानमंत्री तथा भारतीय जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके।

मिलबेन की भारत-अमेरिका संबंधों में भूमिका

अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन पिछले कुछ वर्षों में वॉशिंगटन में उन प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में शामिल हो गई हैं जो भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की खुलकर वकालत करती हैं। वह भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत कर चुकी हैं और अमेरिका में कई भारत-संबंधित कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं।

गौरतलब है कि मिलबेन ने अनेक अवसरों पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की है और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के पक्ष में आवाज़ उठाती रही हैं।

व्यापक संदर्भ: क्यों अहम है यह बैठक

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर निरंतर बातचीत जारी है। कथित तौर पर हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव उभरा है, जिसकी पृष्ठभूमि में यह जी-7 मुलाकात दोनों देशों में व्यापक ध्यान खींच रही है।

आगे देखें तो 17 जून की यह बैठक यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है कि दोनों देश आपसी रिश्तों को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सांस्कृतिक आवाज़ का कूटनीतिक दबाव में तब्दील होना बताता है कि भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की चर्चा वॉशिंगटन के मुख्यधारा हलकों तक पहुँच चुकी है। यह ध्यान देने योग्य है कि मिलबेन ने यह नहीं कहा कि मोदी को ट्रंप से मिलना चाहिए — बल्कि उल्टा कहा, जो कूटनीतिक पलड़े के बारे में एक स्पष्ट संकेत है। मुख्यधारा की कवरेज जो प्रायः चूक जाती है वह यह है कि भारत-अमेरिका संबंधों में 'रीसेट' की माँग अब केवल नीति-निर्माताओं तक सीमित नहीं रही — यह सांस्कृतिक और सार्वजनिक कूटनीति के क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुकी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैरी मिलबेन ने ट्रंप से क्या अपील की है?
मैरी मिलबेन ने राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वे 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी से माफी माँगें और भारत-अमेरिका संबंधों को वास्तविक रूप से रीसेट करें। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को इस मुलाकात का उपयोग भारतीय जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने के लिए करना चाहिए।
जी-7 में मोदी और ट्रंप की मुलाकात कब होगी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात 17 जून को कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होने की संभावना है। यह बैठक व्यापार, रक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों की पृष्ठभूमि में हो रही है।
मैरी मिलबेन कौन हैं और भारत से उनका क्या संबंध है?
मैरी मिलबेन एक अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका हैं जो पिछले कुछ वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों की प्रमुख समर्थक बनकर उभरी हैं। वह भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत कर चुकी हैं, अमेरिका में भारत-संबंधित कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की कई बार सराहना कर चुकी हैं।
मिलबेन ने यह क्यों कहा कि यह मुलाकात ट्रंप को ज़्यादा जरूरी है?
मिलबेन के अनुसार, हाल के तनावों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का जी-7 में ट्रंप से मिलने का निर्णय 'शालीनता भरा' कदम है। उनका मानना है कि भारत-अमेरिका संबंधों को सुधारने की ज़िम्मेदारी अभी अमेरिकी पक्ष पर अधिक है, इसलिए यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ज़्यादा अहम है।
भारत-अमेरिका संबंधों में इस समय क्या प्रमुख मुद्दे हैं?
कथित तौर पर इस समय दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत जारी है। हाल के महीनों में संबंधों में कुछ तनाव उभरा है, जिसकी वजह से जी-7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात दोनों देशों में व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले