जी-7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात: मैरी मिलबेन की अपील — भारत का भरोसा जीतें, माफी माँगें
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी गायिका और भारत-अमेरिका संबंधों की प्रबल समर्थक मैरी मिलबेन ने 14 जून 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक अपील की है कि वे 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात का उपयोग अमेरिका-भारत संबंधों को वास्तविक रूप से 'रीसेट' करने के लिए करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी से माफी माँगनी चाहिए और भारतीय जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मुलाकात का महत्व और मिलबेन का आह्वान
मिलबेन ने कहा कि 17 जून को कनाडा में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात दोनों देशों के लिए एक निर्णायक क्षण है। उनके अनुसार, हाल के तनावों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का इस बैठक में शामिल होने का निर्णय 'काफी शालीनता भरा' है।
मिलबेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह मुलाकात प्रधानमंत्री को उतनी जरूरी नहीं है, जितनी राष्ट्रपति ट्रंप को है।' उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे इस अवसर को रणनीतिक दृष्टि से देखें और संबंधों को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाएँ।
मिलबेन के प्रमुख बयान
मिलबेन ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह अच्छा होगा कि वे जी-7 शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल अमेरिका और भारत के रिश्तों को सुधारने के अवसर के रूप में करें।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'जी-7 शिखर सम्मेलन को एक रणनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करें, ताकि अमेरिका-भारत संबंधों को सच में रीसेट किया जा सके।'
अपनी अपील के अंत में उन्होंने एक व्यक्तिगत भावना भी व्यक्त की — 'मैं इस समय राष्ट्रपति के लिए समझदारी की प्रार्थना कर रही हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को इस मुलाकात का पूरा उपयोग करना चाहिए ताकि प्रधानमंत्री तथा भारतीय जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके।
मिलबेन की भारत-अमेरिका संबंधों में भूमिका
अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन पिछले कुछ वर्षों में वॉशिंगटन में उन प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में शामिल हो गई हैं जो भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की खुलकर वकालत करती हैं। वह भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत कर चुकी हैं और अमेरिका में कई भारत-संबंधित कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं।
गौरतलब है कि मिलबेन ने अनेक अवसरों पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की है और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के पक्ष में आवाज़ उठाती रही हैं।
व्यापक संदर्भ: क्यों अहम है यह बैठक
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर निरंतर बातचीत जारी है। कथित तौर पर हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव उभरा है, जिसकी पृष्ठभूमि में यह जी-7 मुलाकात दोनों देशों में व्यापक ध्यान खींच रही है।
आगे देखें तो 17 जून की यह बैठक यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है कि दोनों देश आपसी रिश्तों को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।