क्या लोगों के अधिकारों और लोकतंत्र को बचाने के लिए वोटर अधिकार यात्रा जरूरी है?

सारांश
Key Takeaways
- लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रियता आवश्यक है।
- मताधिकार हर नागरिक का अधिकार है।
- वोट चोरी से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है।
- समानता और न्याय के लिए एकजुट होना आवश्यक है।
- संविधान की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मधुबनी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले मतदाता सूची में अनुमानित गड़बड़ियों को लेकर इंडिया गठबंधन द्वारा ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नेतृत्व है, मंगलवार को मधुबनी में पहुँची। इस दौरान यात्रा में शामिल इंडिया गठबंधन के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह एक क्रांति की शुरुआत है। यह कोई सामान्य राजनीतिक संघर्ष नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक संघर्ष है। यह एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत को बनाए रखने की लड़ाई है। यह केवल मताधिकार की रक्षा नहीं है, बल्कि लोगों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए भी है। इस लड़ाई में बिहार की जनता विजेता होने वाली है।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हम इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर बिहार की जनता को वोट चोरी के बारे में जागरूक कर रहे हैं। चुनाव आयोग डिजिटल डेटा नहीं प्रदान कर रहा है, बल्कि हमसे ही सवाल कर रहा है। देश में वोट चोरी के माध्यम से सरकारें बन रही हैं। इसीलिए इंडिया गठबंधन ने बिहार की जनता को जागरूक करने के लिए यह यात्रा निकाली है। लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा का बहिष्कार करना चाहिए।
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि अगर कोई गिरता है या लड़खड़ाता है, तो हम उसे थाम लेते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। असली मुद्दा यह है कि इंडिया गठबंधन उन लोगों के अधिकारों के लिए संघर्षरत है, जिन्हें वंचित किया गया है।