1 अक्टूबर 2026
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रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' बयान पर मौलाना खालिद रशीद का पलटवार, बोले— मुसलमान कमज़ोर नहीं

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रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' बयान पर मौलाना खालिद रशीद का पलटवार, बोले— मुसलमान कमज़ोर नहीं

सारांश

बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' बयान पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कड़ा जवाब दिया — मुसलमान कमज़ोर नहीं, रामदेव अपनी धार्मिक टिप्पणी अपने मज़हब तक सीमित रखें। साथ ही एनआरसी और यूपी चुनावी बयानबाज़ी पर भी उन्होंने बेबाक राय रखी।

मुख्य बातें

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' बयान की आलोचना की।
मौलाना ने कहा— मुसलमान न तो पहले कमज़ोर थे, न आज हैं; रामदेव को धार्मिक टिप्पणी अपने मज़हब तक सीमित रखनी चाहिए।
सुनील आंबेकर के एनआरसी बयान पर मौलाना ने कहा — यह सभी भारतीयों को संदेह के घेरे में लाता है, बार-बार नागरिकता का सबूत माँगना अनुचित है।
यूपी चुनावी बयानबाज़ी को 'दुखद' बताते हुए समाजवादी पार्टी पर मुसलमानों को प्रतिनिधित्व न देने के आरोप को 'बेबुनियाद' कहा; जैस्मीन अंसारी को विपक्ष का नेता बनाए जाने का उदाहरण दिया।
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की फ्लाई दुबई उड़ान बचाने पर मौलाना ने दिल से बधाई दी।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में योग गुरु बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' वाले बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुसलमान न तो पहले कमज़ोर थे और न आज हैं, और रामदेव को अपनी धार्मिक टिप्पणियाँ अपने ही मज़हब तक सीमित रखनी चाहिए।

रामदेव के बयान पर सीधा जवाब

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि बाबा रामदेव को इस तरह के बयान देने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार सभी को समान रूप से प्राप्त है। उन्होंने कहा, 'हर किसी को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बयान देने या अपनी धार्मिक मान्यताएँ रखने का अधिकार है।' मौलाना ने आगे जोड़ा कि मुसलमानों का यह विश्वास है कि सभी इंसान हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की संतान हैं — यह उनकी धार्मिक आस्था का मूल आधार है।

मौलाना ने यह भी कहा कि मुसलमान हर तरह से मज़बूत और ताकतवर हैं। उनके अनुसार, रामदेव के लिए बेहतर यही होगा कि वे अपनी धार्मिक टिप्पणियों को अपने धर्म तक ही सीमित रखें।

एनआरसी पर मौलाना की राय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के एनआरसी (NRC) संबंधी बयान पर मौलाना ने कहा कि इस मुद्दे का पहले भी बड़े पैमाने पर विरोध हो चुका है। उनका तर्क था कि एनआरसी किसी न किसी रूप में सभी भारतीय नागरिकों को संदेह के घेरे में खड़ा करता है।

उन्होंने कहा, 'इस देश का हर नागरिक सम्मान के साथ रहने वाला नागरिक है और किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह बार-बार किसी भारतीय नागरिक से उसकी नागरिकता का सबूत माँगे।' गौरतलब है कि एनआरसी को लेकर देशभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं।

यूपी चुनाव और मुस्लिम प्रतिनिधित्व

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र हो रही बयानबाज़ी पर मौलाना ने कहा कि यह दुखद है कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आते हैं, कुछ लोग बयानबाज़ी शुरू कर देते हैं और मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा कि अब मुसलमानों में काफी राजनीतिक जागरूकता आ गई है और वे अपनी पसंद से मतदान करते हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा मुसलमानों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न देने के आरोपों को उन्होंने 'पूरी तरह बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने जैस्मीन अंसारी को विधान परिषद में विपक्ष का नेता बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मुसलमानों का एक अहम प्रतिनिधित्व है।

फ्लाई दुबई के भारतीय पायलट की तारीफ

मौलाना ने फ्लाई दुबई की उड़ान को सुरक्षित उतारने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पायलट ने जिस बहादुरी और साहस का परिचय दिया, वह अतुलनीय है और उन्होंने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समस्त भारतीयों का मान बढ़ाया है। मौलाना ने उन्हें दिल से बधाई दी।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर तेज़ हो रहा है। धार्मिक और राजनीतिक टिप्पणियों का यह सिलसिला आने वाले हफ्तों में और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल ध्रुवीकरण को हवा देती हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस तथ्य को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि एनआरसी पर मौलाना की आपत्ति केवल मुस्लिम नहीं, बल्कि व्यापक नागरिक-अधिकार की चिंता है जो असम के अनुभव से प्रमाणित भी है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' बयान पर मौलाना खालिद रशीद ने क्या कहा?
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मुसलमान न तो पहले कमज़ोर थे और न आज हैं, और रामदेव को इस तरह की धार्मिक टिप्पणियाँ अपने ही मज़हब तक सीमित रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बयान देने का अधिकार है।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कौन हैं?
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन हैं और लखनऊ स्थित एक प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व हैं। वे मुस्लिम समुदाय के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते हैं।
एनआरसी पर मौलाना की क्या राय है?
मौलाना ने कहा कि एनआरसी का पहले भी बड़े पैमाने पर विरोध हुआ है क्योंकि यह किसी न किसी रूप में सभी भारतीयों को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। उनके अनुसार, किसी भी भारतीय नागरिक से बार-बार नागरिकता का प्रमाण माँगना उचित नहीं है।
यूपी चुनाव में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर मौलाना ने क्या कहा?
मौलाना ने समाजवादी पार्टी द्वारा मुसलमानों को प्रतिनिधित्व न देने के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया और जैस्मीन अंसारी को विधान परिषद में विपक्ष का नेता बनाए जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान अपनी पसंद के अनुसार मतदान करते हैं और उनमें जागरूकता बढ़ी है।
कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में मौलाना ने क्या कहा?
मौलाना ने फ्लाई दुबई की उड़ान को सुरक्षित उतारने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी भारतीयों का मान बढ़ाया है। मौलाना ने उन्हें दिल से बधाई दी।
राष्ट्र प्रेस
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