3 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोहन भागवत के बयान को मौलाना रजवी का समर्थन, सपा पर मुसलमानों के इस्तेमाल का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोहन भागवत के बयान को मौलाना रजवी का समर्थन, सपा पर मुसलमानों के इस्तेमाल का आरोप

सारांश

एक असामान्य राजनीतिक क्षण में, मुस्लिम धार्मिक नेता मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के धर्म-देश बयान का समर्थन किया और सपा पर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया — यह बयान उत्तर प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 3 अक्टूबर 2026 को RSS प्रमुख मोहन भागवत के धर्म-देश बयान का समर्थन किया।
रजवी ने कहा कि 'धर्म कमज़ोर होने से देश कमज़ोर होता है' — यह बात सही है।
समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का सीधा आरोप लगाया।
राज्यसभा चुनाव में मुस्लिम विधायकों के वोट लेने के बावजूद समुदाय को टिकट न देने का उदाहरण दिया।
दुबई फ्लाइट घटना में कैप्टन स्मित की जाँबाज़ी की सराहना की और पूरे मामले की स्वतंत्र जाँच की माँग की।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 3 अक्टूबर 2026 को बरेली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि धर्म कमज़ोर होने पर देश भी कमज़ोर होता है। रजवी ने साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) पर मुसलमानों को महज़ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का सीधा आरोप लगाया।

भागवत के बयान पर रजवी का रुख

रजवी ने कहा कि मोहन भागवत की बात बिल्कुल सटीक है। उनके अनुसार, 'हर इंसान के जीवन जीने का तरीका और उसकी दिनचर्या काफी हद तक उसके धर्म से जुड़ी होती है। धर्म व्यक्ति को जीवन के मूल्यों और तौर-तरीकों की सीख देता है।' उन्होंने आगे कहा कि देश लोगों से बनता है, और यदि समाज में रहने वाले लोग शांति और सुकून में नहीं हैं, तो उसका असर सीधे देश की स्थिति पर पड़ता है।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब धर्म और राष्ट्र के संबंध पर राष्ट्रीय बहस तेज़ है। रजवी ने सभी धर्मों के अनुयायियों से अपील की कि वे अपने-अपने धर्म की शिक्षाओं पर अमल करें और बेहतर जीवन जीने का प्रयास करें। इस्लाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 'इस्लाम सब्र, अल्लाह का शुक्र अदा करने और इबादत की सीख देता है, और इन्हीं मूल्यों के अनुसार जीवन जीने में भलाई है।'

सपा पर वोट बैंक राजनीति का आरोप

RSS नेता इंद्रेश कुमार के इस बयान पर कि राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया, रजवी ने सहमति जताई। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम विधायकों के वोटों से कई उम्मीदवार जीतते हैं, लेकिन बावजूद इसके मुस्लिम समुदाय से किसी को टिकट नहीं दिया गया।

रजवी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल सपा तक सीमित नहीं है — अन्य राजनीतिक दलों पर भी इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और लोग यह समझने लगे हैं कि कौन वास्तव में उनके हितों की बात करता है और कौन महज राजनीतिक लाभ के लिए उनका समर्थन चाहता है।

दुबई फ्लाइट घटना और कैप्टन स्मित की सराहना

रजवी ने दुबई फ्लाइट में हुए घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में भारतीय पायलट ने जाँबाज़ी दिखाई और विमान में सवार यात्रियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने घटना से जुड़े अन्य आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र जाँच की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

रजवी के अनुसार, पायलट जैसे ज़िम्मेदार पद पर नियुक्ति से पहले पृष्ठभूमि की गहन जाँच होती है, इसलिए इस पूरे मामले की जाँच से वास्तविक तथ्य सामने आने चाहिए।

आगे की स्थिति

रजवी के इस बयान से मुस्लिम धार्मिक नेताओं और संघ परिवार के नज़रिए के बीच एक असामान्य साझेदारी सामने आई है, जो देश में धर्म-राजनीति की बहस को नई दिशा दे सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि RSS नेतृत्व के बयानों का खुलकर समर्थन करने वाले मुस्लिम धर्मगुरु अब पहली बार नहीं हैं — लेकिन यह पहली बार है जब सपा पर इतना सीधा और सार्वजनिक हमला किया गया है। इसके राजनीतिक निहितार्थ गहरे हैं।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मोहन भागवत के किस बयान का समर्थन किया?
रजवी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि धर्म कमज़ोर होने पर देश भी कमज़ोर होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की दिनचर्या और जीवनशैली उसके धर्म से जुड़ी होती है, और समाज की स्थिति देश पर असर डालती है।
रजवी ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
रजवी ने सपा पर उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव का उदाहरण दिया कि मुस्लिम विधायकों के वोट से उम्मीदवार जीतते हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय से किसी को टिकट नहीं दिया जाता।
दुबई फ्लाइट घटना में कैप्टन स्मित पर रजवी ने क्या कहा?
रजवी ने कैप्टन स्मित की आपात स्थिति में जाँबाज़ी और यात्रियों को बचाने की भूमिका की सराहना की। उन्होंने घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्वतंत्र जाँच की ज़रूरत भी बताई।
रजवी ने मुस्लिम समाज की राजनीतिक जागरूकता पर क्या कहा?
रजवी ने दावा किया कि मुस्लिम समाज में राजनीतिक जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है और लोग अब यह समझने लगे हैं कि कौन वास्तव में उनके हितों के लिए काम करता है और कौन केवल राजनीतिक लाभ के लिए उनका समर्थन चाहता है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात क्या है?
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात एक मुस्लिम धार्मिक संगठन है, जिसके अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी हैं और जिसका मुख्यालय बरेली, उत्तर प्रदेश में है। यह संगठन मुस्लिम समुदाय से जुड़े धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले