मोहन भागवत के बयान को मौलाना रजवी का समर्थन, सपा पर मुसलमानों के इस्तेमाल का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने 3 अक्टूबर 2026 को बरेली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि धर्म कमज़ोर होने पर देश भी कमज़ोर होता है। रजवी ने साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) पर मुसलमानों को महज़ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का सीधा आरोप लगाया।
भागवत के बयान पर रजवी का रुख
रजवी ने कहा कि मोहन भागवत की बात बिल्कुल सटीक है। उनके अनुसार, 'हर इंसान के जीवन जीने का तरीका और उसकी दिनचर्या काफी हद तक उसके धर्म से जुड़ी होती है। धर्म व्यक्ति को जीवन के मूल्यों और तौर-तरीकों की सीख देता है।' उन्होंने आगे कहा कि देश लोगों से बनता है, और यदि समाज में रहने वाले लोग शांति और सुकून में नहीं हैं, तो उसका असर सीधे देश की स्थिति पर पड़ता है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब धर्म और राष्ट्र के संबंध पर राष्ट्रीय बहस तेज़ है। रजवी ने सभी धर्मों के अनुयायियों से अपील की कि वे अपने-अपने धर्म की शिक्षाओं पर अमल करें और बेहतर जीवन जीने का प्रयास करें। इस्लाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 'इस्लाम सब्र, अल्लाह का शुक्र अदा करने और इबादत की सीख देता है, और इन्हीं मूल्यों के अनुसार जीवन जीने में भलाई है।'
सपा पर वोट बैंक राजनीति का आरोप
RSS नेता इंद्रेश कुमार के इस बयान पर कि राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया, रजवी ने सहमति जताई। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम विधायकों के वोटों से कई उम्मीदवार जीतते हैं, लेकिन बावजूद इसके मुस्लिम समुदाय से किसी को टिकट नहीं दिया गया।
रजवी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल सपा तक सीमित नहीं है — अन्य राजनीतिक दलों पर भी इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और लोग यह समझने लगे हैं कि कौन वास्तव में उनके हितों की बात करता है और कौन महज राजनीतिक लाभ के लिए उनका समर्थन चाहता है।
दुबई फ्लाइट घटना और कैप्टन स्मित की सराहना
रजवी ने दुबई फ्लाइट में हुए घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में भारतीय पायलट ने जाँबाज़ी दिखाई और विमान में सवार यात्रियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने घटना से जुड़े अन्य आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र जाँच की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
रजवी के अनुसार, पायलट जैसे ज़िम्मेदार पद पर नियुक्ति से पहले पृष्ठभूमि की गहन जाँच होती है, इसलिए इस पूरे मामले की जाँच से वास्तविक तथ्य सामने आने चाहिए।
आगे की स्थिति
रजवी के इस बयान से मुस्लिम धार्मिक नेताओं और संघ परिवार के नज़रिए के बीच एक असामान्य साझेदारी सामने आई है, जो देश में धर्म-राजनीति की बहस को नई दिशा दे सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत दे सकते हैं।