मीसा भारती ने नीतीश कुमार को दी शुभकामनाएं, डिप्टी पीएम बनने की इच्छा जताई
सारांश
Key Takeaways
- मीसा भारती ने नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दीं।
- नीतीश अब परिवारवाद पर नहीं बोलेंगे।
- महिला आरक्षण विधेयक इस सप्ताह आ सकता है।
- गैस संकट पर सरकार की नाकामी को उजागर किया।
- बिहार में अपराध दर बढ़ रही है।
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारी तरफ से उन्हें बहुत सारी शुभकामनाएं हैं। हम चाहते हैं कि वे स्वस्थ रहें और जब वे दिल्ली आ रहे हैं, तो कम से कम डिप्टी पीएम का पद अवश्य प्राप्त करें।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए मीसा भारती ने कहा कि यह अच्छी बात है कि नीतीश कुमार फिर से पार्टी के अध्यक्ष बने हैं, और अब उनकी एक अच्छी बात यह है कि वे परिवारवाद पर नहीं बोलेंगे। पहले उन्होंने परिवारवाद पर बहुत बातें कीं, लेकिन अब जब उन्होंने अपने बेटे को राजनीति में उतारा है, तो कम से कम अब इस विषय पर चुप रहेंगे। उन्होंने राज्यसभा का चुनाव जीत लिया है, और जब वे दिल्ली आएंगे, तो डिप्टी पीएम का पद तो जरूर पाएंगे। मेरी शुभकामनाएं हैं कि वे स्वस्थ रहें।
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि यह विधेयक इस सप्ताह आएगा। मुझे लगता है कि यह बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है।
वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार के पुनः चुनाव पर कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बन गए हैं, लेकिन असली फैसले कुछ लोग ही ले रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने गैस संकट पर कहा कि सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। अगर कोई कमी थी, तो क्या इंतजाम किए गए थे ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो? एनडीए के शासन में यह पहली बार नहीं है जब ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। नोटबंदी का क्या लाभ हुआ? कोई लाभ नहीं। कोविड के दौरान, खासकर बिहार में, हमने देखा कि प्रवासी मजदूर कई दिनों तक पैदल चलते रहे और कई ने अपनी जान गंवा दी। सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। अगर पहले से सही इंतजाम किए गए होते, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
जदयू नेता निशांत कुमार के बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें, तो सही आकलन साफ हो जाएगा। असल में, २००५ से २०२५ के बीच बिहार में अपराध दर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। आज के समय में जो संगठित अपराध हो रहे हैं, वे पहले नहीं हुआ करते थे। बिहार में कोई भी मॉडल काम नहीं कर रहा है। जनता इस सरकार से तंग आ चुकी है।