28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एमएलसी चुनाव जीत के बाद अखिलेश यादव की अपील: जुलूस नहीं, सोशल मीडिया पर मनाएं जश्न

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एमएलसी चुनाव जीत के बाद अखिलेश यादव की अपील: जुलूस नहीं, सोशल मीडिया पर मनाएं जश्न

सारांश

एमएलसी चुनाव में जीत के बाद अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को जुलूस से रोका — और BJP पर धांधली का आरोप लगाते हुए पीडीए में अग्रवाल-अग्रवंशी समाज को जोड़ने का ऐलान किया। 2027 की लड़ाई अभी से शुरू।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने विधान परिषद शिक्षक एवं स्नातक खंड चुनाव में सपा प्रत्याशियों की जीत पर 28 अक्टूबर 2026 को कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
उन्होंने जुलूस न निकालने और जश्न केवल सोशल मीडिया के ज़रिए मनाने की अपील की, यह कहते हुए कि BJP कथित तौर पर माहौल बिगाड़ सकती है।
गोरखपुर-फैजाबाद से सपा प्रत्याशी डॉ.
संजयन त्रिपाठी की हार को उन्होंने कथित मतगणना गड़बड़ी करार दिया।
आगरा से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ.
आकाश अग्रवाल के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया; अग्रहरि समाज के आहत होने की बात कही।
पीडीए में 'ए' का अर्थ अब अग्रवाल-अग्रवंशी भी घोषित किया; दावा किया कि यह 5% बनाम 95% की लड़ाई है।
2027 विधानसभा चुनाव में शिक्षकों द्वारा BJP को हराकर 'गुरु संकल्प' पूरा करने का आह्वान किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक खंड के चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए अपील की कि वे कोई जुलूस न निकालें और जश्न केवल सोशल मीडिया के ज़रिए मनाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कथित तौर पर सपा की छवि बिगाड़ने के लिए उत्सव के माहौल में उपद्रव करा सकती है।

जीत के बाद संयम की सलाह

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि जीत की सूचना शांतिपूर्ण तरीके से सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि कोई हो-हल्ला या जुलूस नहीं निकाला जाए, ताकि विरोधी दल के कार्यकर्ता भीड़ में घुसकर माहौल न बिगाड़ सकें और सपा पर हुड़दंग का आरोप लगाने का अवसर न पाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों का स्वयं अभिनंदन करेंगे और संभव हो तो उनके क्षेत्रों में जाकर उन्हें सम्मानित भी करेंगे।

भाजपा पर धांधली के आरोप

सपा अध्यक्ष ने BJP पर चुनाव में गुंडागर्दी, बेईमानी और धांधली के गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, कथित तौर पर भ्रष्ट नेताओं, उनके सहयोगियों और संलिप्त अधिकारियों ने एमएलसी चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाया। उन्होंने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में कथित गड़बड़ी के ज़रिए हराए जाने की साजिश का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पीछे 'हाता नहीं भाता' भी एक प्रमुख कारण है। अखिलेश ने दावा किया कि इस कथित जालसाजी से जनता समझ गई है कि BJP दरअसल हर सीट पर हारी है।

शिक्षकों के अपमान का मुद्दा

अखिलेश यादव ने आगरा शिक्षक क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि BJP नेताओं और उनके सहयोगियों ने डॉ. अग्रवाल के साथ ऐसा व्यवहार किया जिससे उनकी आँखों में आँसू आ गए और उनके कपड़े फाड़े गए। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से अग्रहरि समाज के लोग खुद को पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहे हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि प्रदेश का शिक्षक समाज डॉ. संजयन त्रिपाठी और डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ हुए घटनाक्रम को नहीं भूलेगा।

पीडीए का विस्तार, 2027 का संकल्प

सपा अध्यक्ष ने अपने पार्टी के नारे 'जो पीड़ित, वो पीडीए' का विस्तार करते हुए ऐलान किया कि अब पीडीए में 'ए' का अर्थ अग्रवाल-अग्रवंशी समाज भी है। उन्होंने दावा किया कि अग्रवाल समाज के जुड़ने से पार्टी का जनाधार और मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब 5 फ़ीसदी भाजपाइयों और 95 फ़ीसदी पीडीए के बीच है। अखिलेश ने शिक्षकों से चारा इकट्ठा कराने जैसे कथित षड्यंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में शिक्षक BJP को हराकर अपना 'गुरु संकल्प' पूरा करेंगे। नवनिर्वाचित एमएलसी से उन्होंने समर्थक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सूची तैयार करने को कहा, जिन्हें भी सम्मानित किया जाएगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से तेज़ होने लगी हैं। सपा की एमएलसी जीत को पार्टी एक राजनीतिक संकेत के रूप में पेश कर रही है, जबकि BJP ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी है। अखिलेश यादव के पीडीए विस्तार से जातीय समीकरणों में नए ध्रुवीकरण की संभावना बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सिर्फ शालीनता नहीं। 2027 से पहले सपा किसी भी ऐसे बहाने से बचना चाहती है जो उसे कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरे। पीडीए में अग्रवाल-अग्रवंशी समाज को जोड़ने की घोषणा दर्शाती है कि पार्टी जातीय गणित को और व्यापक बनाने की कोशिश में है — परंतु यह असल में कितने वोट जोड़ेगा, यह ज़मीनी सच्चाई पर निर्भर है। शिक्षक सीटों पर BJP के विरुद्ध 'गुरु संकल्प' का आख्यान तभी प्रभावशाली होगा जब सपा शिक्षकों की माँगों पर ठोस वायदे दे सके।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव जीत के बाद कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिया?
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कोई जुलूस या हो-हल्ला न करें और जीत का जश्न केवल सोशल मीडिया के ज़रिए मनाएं। उन्होंने कहा कि BJP कथित तौर पर भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ सकती है और सपा पर उपद्रव का आरोप लगा सकती है।
सपा ने एमएलसी चुनाव में किन सीटों पर जीत दर्ज की?
सपा प्रत्याशियों ने विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक खंड की कई सीटों पर जीत दर्ज की। आगरा शिक्षक क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल नवनिर्वाचित एमएलसी बने, जबकि गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी की हार को अखिलेश ने कथित धांधली बताया।
अखिलेश यादव ने पीडीए का विस्तार कैसे किया?
अखिलेश यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि पीडीए में अब 'ए' का अर्थ अग्रवाल-अग्रवंशी समाज भी है। उन्होंने दावा किया कि अग्रहरि समाज के साथ आने से पार्टी का जनाधार और मनोबल बढ़ा है और यह लड़ाई 5% भाजपाइयों बनाम 95% पीडीए के बीच है।
अखिलेश यादव का 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर क्या संकल्प है?
अखिलेश यादव ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP को हराकर अपना 'गुरु संकल्प' पूरा करेंगे। उन्होंने BJP पर शिक्षकों को अपमानित करने और उनसे चारा इकट्ठा कराने जैसे कथित षड्यंत्रों का आरोप भी लगाया।
डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ कथित दुर्व्यवहार का क्या मामला है?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अनुसार, आगरा शिक्षक क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ BJP नेताओं और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर ऐसा दुर्व्यवहार किया जिससे उनकी आँखों में आँसू आ गए और उनके कपड़े फाड़े गए। इस घटनाक्रम से अग्रहरि समाज में गहरा आक्रोश बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले