अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'नेगेटिव पॉलिटिक्स का अब होगा अंत', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'युवाओं की जीत' करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJP जो नकारात्मक राजनीति करती है, उसका अब अंत निश्चित है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्र आंदोलनकारियों को बधाई देते हुए इसे 'मनोबल और एकता की जीत' बताया।
एक्स पर क्या लिखा अखिलेश ने
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह 'मनोबल और एकता की जीत' है। उन्होंने हर आंदोलनकारी और उनका सहयोग करने वाले सभी लोगों को इस 'बिग विन' की बधाई दी। उनके अनुसार, युवाओं ने परीक्षा और शिक्षा की लड़ाई जीतकर एक महत्वपूर्ण शुरुआत की है।
BJP पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि युवा पीढ़ी अब संविधान को हाथ में लेकर ईवीएम और चुनाव सुधार तक भी पहुँचेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP चुनावी अनियमितताओं और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त जैसी नकारात्मक राजनीति करती है, और दावा किया कि अब इसका भी अंत होगा। उन्होंने कहा कि BJP के कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा और 'सत्ता-पोषित मीडिया' के संबंधों का भी अंतकाल आएगा।
यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि अब पीड़ितों और निर्दोषों पर बुलडोजर नहीं चलेगा, किसी निर्दोष का एनकाउंटर नहीं होगा, और किसानों, मज़दूरों, दुकानदारों व कारोबारियों पर अत्याचार नहीं होगा। उन्होंने साम्प्रदायिक राजनीति के 'अस्त' होने की भी घोषणा की।
जेन-जी की ताकत को सलाम
अखिलेश यादव ने कहा कि जेन-जी की ताकत के सामने सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता हमेशा कैमरे के सामने बोलते थे, उन्हें इस बार मोबाइल के सामने आना पड़ा — और वह भी रात 12 बजे के बाद। यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से सरकार की ओर से आधी रात को दिए गए संबोधन की ओर इशारा करती है।
शिक्षा सुधार की माँग
सपा अध्यक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि वह इस आंदोलन से सबक लेते हुए प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के बारे में गंभीरता से विचार करे। उन्होंने जोर दिया कि परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाए जाने चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में NEET और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे हुए थे।