अखिलेश यादव रिहा: छात्रों पर अत्याचार का आरोप, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को 21 जुलाई की देर रात दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया। प्रधानमंत्री आवास के बाहर NEET विवाद को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस उन्हें और सपा के अन्य सांसदों व नेताओं को अपने साथ ले गई थी। रिहाई के बाद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की माँग की।
हिरासत और रिहाई का घटनाक्रम
सपा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अखिलेश यादव सहित पार्टी के सभी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को देर रात पुलिस हिरासत से मुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की, जो पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जारी था।
छात्रों पर अत्याचार का आरोप
रिहा होने के तुरंत बाद अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के साथ मारपीट की गई और पुलिस ने उनके साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा, 'नीट में ये लोग फेल हुए, इसलिए अपना गुस्सा छात्रों पर निकाल रहे हैं।' उन्होंने माँग की कि सरकार छात्रों की माँगें स्वीकार करे और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।
भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर हमला
अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री को न हटाए जाने के पीछे भ्रष्टाचार छुपाने की मंशा बताई। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि घोटाले और भ्रष्टाचार का खुलासा न हो जाए, इसलिए सरकार मंत्रियों पर दबाव नहीं बना पा रही। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
गौरतलब है कि जिन छात्रों की जान गई, उनके लिए संसद में श्रद्धांजलि तक नहीं दी जा सकी — यह बात उन्होंने विशेष रूप से उठाई। उन्होंने सरकार से इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने की माँग की।
बेरोजगारी और विकसित भारत पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि देश इतनी तेज़ी से तरक्की कर रहा है और 'विकसित भारत' का सपना दिखाया जा रहा है, तो बेरोजगारी और महंगाई का इतने बड़े पैमाने पर बढ़ना यह संकेत देता है कि निवेश नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी, युवाओं और छात्रों को हर राजनीतिक दल का समर्थन प्राप्त है और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
राम मंदिर दानपेटी चोरी पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने भगवान श्रीराम के मंदिर की दानपेटी में हुई कथित चोरी को 'घोर पाप' बताया और कहा कि इससे पूरा देश दुखी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नई एसआईटी गठित की जा चुकी है और सच्चाई सामने आएगी। सपा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष छात्रों और युवाओं के हक के लिए संघर्ष जारी रखेगा।