मोदी बने सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित PM; कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने संपादकीय में की मुक्तकंठ प्रशंसा
सारांश
मुख्य बातें
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में निरंतर कार्यकाल के मामले में सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। इस ऐतिहासिक अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने एक प्रमुख समाचार पत्र में संपादकीय लिखकर मोदी के कार्यकाल को देश के विकास का अभूतपूर्व दौर करार दिया।
ऐतिहासिक मील का पत्थर
कर्ण सिंह ने अपने लेख में लिखा कि 10 जून 2026 को भारत अपनी लोकतांत्रिक यात्रा के एक उल्लेखनीय पड़ाव का साक्षी बना। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के साथ अपने दीर्घकालिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि नेहरू को एक घायल सभ्यता विरासत में मिली थी, जबकि मोदी को एक सर्वथा भिन्न भारत मिला — जहाँ जनसंख्या 34 करोड़ से बढ़कर 146 करोड़ और मतदाताओं की संख्या 11 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
आर्थिक प्रगति और कल्याण योजनाएँ
कर्ण सिंह ने मोदी सरकार की आर्थिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी, वैश्विक मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश ने मजबूत आर्थिक विकास बनाए रखा। उन्होंने स्वच्छ भारत, उज्ज्वला योजना, ग्रामीण विद्युतीकरण, आवास योजना, सौर ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसी पहलों को करोड़ों गरीबों के जीवन को छूने वाला बताया।
बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में राजमार्गों, हवाई अड्डों, रेलवे आधुनिकीकरण और डिजिटल कनेक्टिविटी को देश की तस्वीर बदलने वाला करार दिया। शिक्षा और स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने IIT, AIIMS और IIM की संख्या में भारी बढ़ोतरी को रेखांकित किया।
विदेश नीति और विवादास्पद फैसले
विदेश नीति पर कर्ण सिंह ने कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर एक मजबूत आवाज़ बनकर उभरा है और ग्लोबल साउथ में देश की नेतृत्व भूमिका बढ़ी है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को भी उन्होंने मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया।
गौरतलब है कि कर्ण सिंह ने कुछ फैसलों को विवादास्पद भी स्वीकार किया। उनके अनुसार नोटबंदी और अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण जैसे निर्णयों पर दोनों पक्षों से कड़े विचार आए, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने का दृढ़ संकल्प दिखाया।
जनता से सीधे जुड़ाव की क्षमता
कर्ण सिंह ने मोदी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी जनता से सीधे जुड़ने की क्षमता को बताया। उन्होंने लिखा, 'नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति की शब्दावली बदल दी है। स्वतंत्रता के बाद बहुत कम नेता मतदाताओं के साथ ऐसा सीधा संबंध स्थापित कर सके हैं।'
आगे की चुनौतियाँ
संपादकीय के अंत में कर्ण सिंह ने संघीय ढाँचे को मजबूत करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, युवाओं के लिए रोज़गार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास को आने वाले वर्षों की प्रमुख चुनौतियाँ बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भावी वर्ष भारत को शक्ति, समृद्धि, ज्ञान, करुणा और राष्ट्रीय एकता की दिशा में आगे ले जाएंगे।