चंडीगढ़ में PM मोदी ने 'ब्रूम वॉरियर' इंदरजीत सिंह संधू को सराहा, पद्म सम्मान का किया उल्लेख
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू की खुलकर प्रशंसा की और बताया कि उन्हें इस वर्ष पद्म सम्मान से नवाज़ा गया है। स्वच्छता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के कारण 'ब्रूम वॉरियर' के नाम से मशहूर संधू ने पीएम मोदी के इस उल्लेख पर गहरा आभार व्यक्त किया।
जनसभा में पीएम मोदी का संबोधन
चंडीगढ़ की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज चंडीगढ़ के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू जी की भी सराहना करना चाहूंगा। उनकी पहचान 'ब्रूम वॉरियर' की बनी हुई है। उन्होंने चंडीगढ़ में स्वच्छता को लेकर एक नई अलख जगाई है, लोगों को प्रेरित किया है। इसके लिए हमारी सरकार ने उन्हें इस साल पद्म सम्मान से भी सम्मानित किया है।'
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत नागरिक स्तर पर स्वच्छता आंदोलन को और मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले ज़मीनी कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक मंच पर इस तरह उद्धृत करना, सरकार की 'जन-भागीदारी' नीति का हिस्सा माना जाता है।
संधू ने जताया आभार, सुनाई स्वच्छता की प्रेरणा
पीएम मोदी की सराहना पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदरजीत सिंह संधू ने कहा, 'प्रधानमंत्री का मैं आभारी हूं। उनसे दिल्ली में मिला था, तब भी उन्होंने कहा कि आपने तो पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया है। मैंने उनसे कहा कि मैं छोटा आदमी हूं, थोड़ा ही काम कर सकता हूं। आज उन्होंने फिर से मुझे याद किया, उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद।'
संधू ने बताया कि वे सुबह और शाम नियमित रूप से सफाई करते हैं और यह उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
धर्मग्रंथों से प्रेरणा: स्वच्छता को बताया आध्यात्मिक कर्तव्य
संधू ने स्वच्छता को केवल सामाजिक ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दायित्व बताया। उन्होंने कहा, 'हमारे सभी धर्मग्रंथ, वेद और गुरु ग्रंथ साहिब यही कहते हैं कि सफाई बनाए रखें। गुरु नानक देव जी ने कहा है कि वातावरण का कोई अंत नहीं है — यह भगवान ने हमें दिया है, तो हमें इसे साफ रखना चाहिए।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'हम हवा को गुरु और पानी को पिता मानते हैं। धरती हमारी माता है। उन्हें स्वच्छ रखना हमारा फर्ज है।' उनका यह दर्शन पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को एक साथ जोड़ता है।
बदलाव की बयार: अकेले शुरू हुई मुहिम में जुड़ने लगे लोग
संधू ने बताया कि शुरुआत में उनके साथ कोई नहीं आता था, लेकिन अब धीरे-धीरे लोग सफाई अभियान में शामिल होने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'यह एक-दो दिन की बात नहीं है, बल्कि हमें हमेशा भारत को साफ रखना चाहिए। देश में गंदगी नहीं फैलानी चाहिए और न ही प्रदूषण।' उनकी यह मुहिम चंडीगढ़ में नागरिक स्वच्छता चेतना का प्रतीक बन चुकी है और आने वाले समय में यह प्रेरणा और अधिक लोगों तक पहुँचने की उम्मीद है।