पद्म भूषण सम्मान: सीएम धामी ने भगत सिंह कोश्यारी को दी बधाई, बताया उत्तराखंड का गौरव
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 मई को देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर पहुँचकर उन्हें भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाज़े जाने पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, धामी ने इस अवसर पर कोश्यारी के दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इस सम्मान को कोश्यारी के सामाजिक सरोकारों, जनकल्याण और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनके समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति बताया।
कोश्यारी का सार्वजनिक जीवन
भगत सिंह कोश्यारी ने अपने सुदीर्घ सार्वजनिक जीवन में एक जनप्रतिनिधि, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सांसद और महाराष्ट्र के राज्यपाल जैसी विविध भूमिकाएँ निभाई हैं। धामी ने विशेष रूप से उत्तराखंड राज्य आंदोलन में कोश्यारी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
एक्स पर भी साझा की बधाई
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एक पोस्ट के ज़रिए कोश्यारी को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के प्रति किए गए कार्यों को समर्पित है।
उत्तराखंड के लिए महत्व
धामी ने कहा कि कोश्यारी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असाधारण सेवा और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इस सम्मान से उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में कोश्यारी की विरासत और सुदृढ़ होती है।