PM मोदी का 'सुभाषितम' संदेश: कौशल, लगन और करुणा को बताया जीवन की अद्भुत शक्तियां

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PM मोदी का 'सुभाषितम' संदेश: कौशल, लगन और करुणा को बताया जीवन की अद्भुत शक्तियां

सारांश

PM मोदी ने 'सुभाषितम' के ज़रिए संस्कृत के एक प्राचीन श्लोक को आधुनिक जीवन से जोड़ा — कौशल, परिश्रम, शिक्षा और करुणा को जीवन की असली शक्ति बताया। साथ ही उन्होंने भारत के पहले ऑप्टोसार उपग्रह 'मिशन दृष्टि' की सफलता पर युवा नवाचारकों को बधाई दी।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मई 2026 को एक्स पर 'सुभाषितम' शीर्षक से प्रेरणादायक संदेश साझा किया।
उन्होंने कौशल, लगन और करुणा को जीवन की अद्भुत शक्तियाँ बताया।
संदेश के साथ एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया गया जो योग्यता, परिश्रम, शिक्षा और दयालुता का महत्व बताता है।
एक दिन पहले रविवार को मोदी ने मिशन दृष्टि की सफलता की सराहना की — यह विश्व का पहला ऑप्टोसार उपग्रह और भारत में निर्मित सबसे बड़ा निजी उपग्रह है।
उन्होंने गैलेक्सी के संस्थापकों और इंजीनियरों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 4 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 'सुभाषितम' शीर्षक से एक विचारोत्तेजक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कौशल, लगन और करुणा को मानव जीवन की अद्भुत शक्तियाँ बताया। यह संदेश जीवन की चुनौतियों पर विजय पाने और लक्ष्यों की प्राप्ति में इन मानवीय गुणों की भूमिका को रेखांकित करता है।

प्रधानमंत्री का संदेश

मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी देखना होगा कि क्या यह प्रोत्साहन नीतिगत ठोस समर्थन में बदलता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का 'सुभाषितम' संदेश क्या है?
'सुभाषितम' प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक्स पर साझा की गई एक प्रेरणादायक श्रृंखला है जिसमें वे संस्कृत के प्राचीन श्लोकों को आधुनिक जीवन से जोड़ते हैं। 4 मई 2026 को साझा किए गए संदेश में कौशल, लगन और करुणा को जीवन की अद्भुत शक्तियाँ बताया गया।
मोदी ने कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?
प्रधानमंत्री ने एक श्लोक साझा किया जिसका भाव है — कुशल लोगों के लिए कोई कार्य कठिन नहीं; मेहनती लोगों के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं; शिक्षित लोगों के लिए देश-विदेश में कोई भेद नहीं; और मधुरभाषी लोगों के लिए कोई अजनबी नहीं। यह श्लोक योग्यता, परिश्रम, शिक्षा और दयालुता के महत्व को रेखांकित करता है।
मिशन दृष्टि क्या है और मोदी ने इसे क्यों सराहा?
मिशन दृष्टि गैलेक्सी द्वारा शुरू किया गया एक अंतरिक्ष मिशन है जिसमें विश्व का पहला ऑप्टोसार उपग्रह और भारत में निर्मित सबसे बड़ा निजी उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के युवाओं के नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति जुनून का प्रमाण बताया।
मोदी ने किसे बधाई दी?
प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन दृष्टि की सफलता पर गैलेक्सी के संस्थापकों और पूरी इंजीनियरिंग टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
मोदी की 'सुभाषितम' पोस्ट का क्या महत्व है?
यह पोस्ट प्रधानमंत्री की पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़ने की निरंतर कोशिश को दर्शाती है। अनुशासन, ज्ञान और करुणा को दिशानिर्देश सिद्धांतों के रूप में प्रस्तुत करना उनके सांस्कृतिक संवाद का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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