वाराणसी में PM मोदी बोले — 'सुरक्षा के लिए योगी जी को थैंक्यू बोलो', अरविंद गारमेंट उद्घाटन पर महिला कर्मचारी से संवाद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में अरविंद गारमेंट कंपनी की नई इकाई का उद्घाटन किया और वहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इसी बातचीत में एक महिला कर्मचारी ने जब गाँव में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बदलते माहौल का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना शुरू किया, तो मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'तो सीएम योगी को थैंक्यू बोलो।' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय वहीं मौजूद थे।
मुख्य संवाद का क्षण
महिला कर्मचारी ने प्रधानमंत्री को बताया कि कंपनी के खुलने के बाद गाँव के परिवारों की सोच में बदलाव आया है — अब वे चाहते हैं कि उनकी बेटियाँ बाहर निकलें और काम करें। उसने अपने शब्दों में कहा, 'जब से ये कंपनी खुली है सर, अब गाँव के भी लोग जागरूक हो गए हैं कि नहीं, हमें भी अपनी बेटी को बाहर निकालना है... क्योंकि यहाँ सुरक्षा बहुत है, तो हमारे परिवार के लोग जो हैं...'
महिला अपनी बात पूरी करती, उससे पहले ही मोदी ने मुख्यमंत्री योगी की ओर संकेत करते हुए कहा, 'तो सीएम योगी को थैंक्यू बोलो।' महिला ने तुरंत जवाब दिया, 'थैंक्यू सर, सबको थैंक्यू सर।' तालियों के बीच हुआ यह संक्षिप्त संवाद कार्यक्रम का यादगार पल बन गया।
अरविंद गारमेंट इकाई और रोज़गार का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में अरविंद गारमेंट कंपनी की नई इकाई का उद्घाटन करने पहुँचे थे। इस इकाई में स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ रोज़गार के अवसर दिए जा रहे हैं। घर के नज़दीक काम मिलने से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुले हैं।
गौरतलब है कि महिला कर्मचारी ने न तो किसी सरकारी योजना का नाम लिया और न ही कोई आँकड़ा गिनाया — वह अपने आसपास के परिवारों में आए व्यावहारिक बदलाव का अनुभव साझा कर रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कार्यबल भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
योगी सरकार की महिला सुरक्षा पहलें
उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा को शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड शुरू किया गया।
मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़ने पर ज़ोर दिया गया। पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पिंक बूथ जैसी व्यवस्थाएँ भी शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों पर सुनवाई को सुलभ बनाना है।
आम जनता पर असर
वाराणसी की महिला कर्मचारी का अनुभव इन प्रयासों के मानवीय पक्ष को सामने लाता है। उसके अनुसार, सुरक्षित माहौल का भरोसा होने से परिवार बेटियों को काम के लिए बाहर भेजने में पहले से अधिक सहज हो रहे हैं। नौकरी के अवसर के साथ परिवार की सहमति भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है — यह बात उसकी बातचीत से स्पष्ट थी।
बेटियों को रोज़गार का अवसर मिले और परिवार को उनकी सुरक्षा का भरोसा हो, तो आत्मनिर्भर बनने की राह सहज होती है। मोदी का एक वाक्य — 'योगी जी को थैंक्यू बोलो' — उस भरोसे को रेखांकित कर गया, जिसके सहारे गाँवों की बेटियाँ घर की चौखट से निकलकर कामकाज की दुनिया में कदम रख रही हैं।