मोहन यादव ने देवास में ₹98 करोड़ के 32 किमी मार्ग का भूमि-पूजन किया, 70 हजार ग्रामीणों को लाभ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 सितंबर 2026 को देवास जिले के हाट पीपल्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केलोद में राजौदा-केलोद-डबल चौकी मार्ग के भूमि-पूजन कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सड़कें क्षेत्र के विकास और समृद्धि की आधारशिला होती हैं और इस मार्ग से आसपास के 25 गांवों के करीब 70 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
मार्ग का विवरण और लागत
लगभग ₹98 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाला 32 किलोमीटर लंबा यह राजौदा-केलोद-डबल चौकी मार्ग हाट पीपल्या को देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ेगा। यह सड़क राजौदा से आरंभ होकर केलोद होते हुए इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से ग्राम डबल चौकी पर मिलेगी।
इस मार्ग के बनने से क्षेत्र के निवासियों का इंदौर और बैतूल आना-जाना सुगम होगा तथा देवास जिला मुख्यालय की दूरी करीब 40 से 45 किलोमीटर कम हो जाएगी — जो समय और ईंधन दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण राहत है।
सुखलिया-टिगरिया मार्ग की नई घोषणा
मुख्यमंत्री यादव ने भूमि-पूजन के साथ-साथ क्षेत्रवासियों को एक और सौगात दी। उन्होंने सुखलिया से टिगरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की, जो करीब 12 किलोमीटर लंबा होगा और जिसकी निर्माण लागत ₹11.40 करोड़ (1140 लाख रुपए) रखी गई है। इस मार्ग से 20 गांवों की 20 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी।
मुख्यमंत्री का व्यापक विकास संदेश
मुख्यमंत्री यादव ने जुलाई माह में सन्नोड़ के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट सांदीपनी विद्यालय भवन की सौगात दिए जाने का उल्लेख किया और कहा कि हाट पीपल्या के विकास में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास' के संकल्प का भी उल्लेख किया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में 50 लाख ग्रामीण अभिलेखों की निःशुल्क रजिस्ट्री करा रही है, जो ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में उपस्थित जन-प्रतिनिधि
ग्राम केलोद में आयोजित भूमि-पूजन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, हाट पीपल्या विधायक मनोज चौधरी और खातेगांव विधायक आशीष शर्मा की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री यादव मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।
यह परियोजना मध्य प्रदेश सरकार की उस व्यापक ग्रामीण संपर्क रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत दूरदराज़ के गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसकी प्रगति पर नज़र रखना क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।