इंदौर में मध्य प्रदेश का पहला डबल लेयर फ्लाईओवर: CM मोहन यादव ने किया लोकार्पण, ₹175 करोड़ की परियोजना
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 जुलाई 2026 को इंदौर के लवकुश चौराहे पर राज्य के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर ब्रिज की पहली भुजा का लोकार्पण किया। ₹175 करोड़ की लागत से निर्मित यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का नया मानक स्थापित करती है और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर यातायात की बढ़ती चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार की गई है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
इस फ्लाईओवर की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसकी त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था है। प्रथम स्तर पर लवकुश चौराहे का सामान्य यातायात प्रवाहित होगा, द्वितीय स्तर पर वर्तमान फ्लाईओवर एवं मेट्रो रेल कॉरिडोर स्थित है, और तृतीय स्तर पर यह नया डबल लेयर फ्लाईओवर है। इस अनूठी संरचना से चौराहे पर यातायात का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होने की उम्मीद है।
पहली भुजा के चालू होने के बाद अरविंदो से बाणगंगा की दिशा में वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। दूसरी भुजा का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और आगामी दिनों में वह भी पूर्ण हो जाएगी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'इंदौर और विकास एक-दूसरे के पर्याय हैं।' उन्होंने इस परियोजना को आधुनिक तकनीक और उन्नत इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में चहुँमुखी विकास हो रहा है।
सिंहस्थ-2028 से जुड़ाव
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि यह फ्लाईओवर सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इंदौर-उज्जैन मार्ग पर कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए यह अवसंरचना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। गौरतलब है कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में करोड़ों तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है, जिससे इस मार्ग पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा।
आम नागरिकों पर असर
इस परियोजना से इंदौर के नागरिकों को यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत और यातायात जाम से राहत मिलने की संभावना है। त्रिस्तरीय यातायात ढाँचे के कारण लवकुश चौराहे पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा, जो शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब इंदौर लगातार स्वच्छता और शहरी विकास के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
आगे क्या
दूसरी भुजा के पूर्ण होने के बाद यह फ्लाईओवर अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करेगा और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर द्विदिशीय यातायात को सुगम बनाएगा। नगर विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।