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जनापाव में ₹17 करोड़ से बनेंगे 'परशुराम लोक' और 'कृष्ण लोक', सीएम मोहन यादव ने किया शिलान्यास

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जनापाव में ₹17 करोड़ से बनेंगे 'परशुराम लोक' और 'कृष्ण लोक', सीएम मोहन यादव ने किया शिलान्यास

सारांश

जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के जनापाव में ₹17 करोड़ की दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया — 'परशुराम लोक' और 'कृष्ण लोक'। महाकाल लोक की सफलता से प्रेरित यह कदम मध्य प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के नए हब के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 सितंबर 2026 को जनापाव, इंदौर में ₹17 करोड़ की 'परशुराम लोक' और 'कृष्ण लोक' परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
दोनों परियोजनाएँ उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित की जाएँगी।
परियोजनाओं में यज्ञ कुंड , सभागार , ध्यान कुटिया , हर्बल गार्डन , रोपवे और बहुउद्देशीय भवन शामिल हैं।
राज्य सरकार मध्य प्रदेश में भगवान कृष्ण और भगवान राम से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
जनापाव को महर्षि परशुराम और भगवान कृष्ण से जुड़ी पवित्र भूमि माना जाता है, जहाँ कृष्ण को सुदर्शन चक्र प्राप्त हुआ था।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 सितंबर 2026 को इंदौर जिले के पवित्र स्थल जनापाव में ₹17 करोड़ की लागत से 'श्री परशुराम लोक' और 'श्रीकृष्ण लोक' परियोजनाओं का शिलान्यास किया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह का उद्देश्य जनापाव को एक प्रमुख तीर्थ एवं धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

महाकाल लोक की तर्ज पर होगा विकास

दोनों परियोजनाओं को उज्जैन के चर्चित 'महाकाल लोक' के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोज़गार व व्यापार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। जनापाव के लिए भी इसी तरह के सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा है।

परियोजना में क्या होगा शामिल

दोनों 'लोक' परियोजनाओं में यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, एक भव्य सभागार, ध्यान कुटिया, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, एक बहुउद्देशीय भवन और उन्नत सार्वजनिक सुविधाएँ शामिल होंगी। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुगम आवाजाही के लिए पहाड़ी पर रोपवे का प्रस्ताव भी रखा गया है।

जनापाव की आध्यात्मिक महत्ता

जनापाव को महर्षि परशुराम और भगवान कृष्ण दोनों से जुड़ी पवित्र भूमि माना जाता है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'जनापाव वह गौरवशाली भूमि है जहाँ भगवान कृष्ण को महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त हुआ था। यह एक पवित्र और भव्य स्थल है, और इस पवित्र स्थान पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का स्मरण करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।' उन्होंने शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा से पहले कृष्ण ने अपनी बुआ से किए वादे का सम्मान करते हुए उसे 100 अपराधों के लिए क्षमा किया था।

सरकार की व्यापक धार्मिक पर्यटन नीति

मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश के लगभग 5,000 साल पुराने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवान कृष्ण और भगवान राम से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा — जिनमें भगवान राम के वनवास काल से संबंधित स्थान भी शामिल हैं।

आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने का संकल्प

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सनातन परंपराओं और भगवान कृष्ण व महर्षि परशुराम से जुड़ी आध्यात्मिक विरासत से भी जोड़ेंगी। गौरतलब है कि यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ₹17 करोड़ का निवेश स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार में वास्तविक बदलाव ला पाता है या नहीं। मध्य प्रदेश सरकार की धार्मिक पर्यटन नीति राज्य की सांस्कृतिक पहचान को विकास के इंजन के रूप में भुनाने की कोशिश है — यह रणनीति उज्जैन में कारगर रही है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी में निवेश के बिना केवल धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण पर्यटन को टिकाऊ नहीं बना सकता। रोपवे और सुविधाओं का प्रस्ताव सही दिशा में है, लेकिन क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनापाव में 'परशुराम लोक' और 'कृष्ण लोक' क्या हैं?
ये मध्य प्रदेश सरकार की दो धार्मिक पर्यटन परियोजनाएँ हैं, जिन्हें इंदौर जिले के जनापाव में ₹17 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा। इनमें यज्ञ कुंड, सभागार, ध्यान कुटिया, हर्बल गार्डन और रोपवे जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
जनापाव का धार्मिक महत्व क्या है?
जनापाव को महर्षि परशुराम और भगवान कृष्ण दोनों से जुड़ी पवित्र भूमि माना जाता है। मान्यता है कि यहीं भगवान कृष्ण को महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त हुआ था, जो इसे मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का एक विशेष स्थल बनाता है।
इन परियोजनाओं का शिलान्यास कब और किसने किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के अवसर पर जनापाव में इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास किया। समारोह इंदौर जिले में आयोजित किया गया था।
क्या इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को फायदा होगा?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी और स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार व व्यापार के नए अवसर पैदा हुए। जनापाव परियोजनाओं से भी इसी तरह के लाभ की अपेक्षा है।
मध्य प्रदेश में और कौन-से धार्मिक स्थलों का विकास होगा?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि प्रदेश में भगवान कृष्ण और भगवान राम से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें भगवान राम के वनवास काल से संबंधित स्थान भी शामिल हैं। राज्य सरकार मध्य प्रदेश के लगभग 5,000 साल पुराने धार्मिक इतिहास को पर्यटन से जोड़ने पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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