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मध्य प्रदेश में राम-कृष्ण से जुड़े स्थल बनेंगे तीर्थ: CM मोहन यादव का जानापाव से बड़ा ऐलान

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मध्य प्रदेश में राम-कृष्ण से जुड़े स्थल बनेंगे तीर्थ: CM मोहन यादव का जानापाव से बड़ा ऐलान

सारांश

जन्माष्टमी पर जानापाव की पुण्यभूमि से मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा संकल्प — मध्य प्रदेश में जहाँ-जहाँ राम और कृष्ण के चरण पड़े, वे सभी स्थल अब तीर्थ बनेंगे। परशुराम लोक और कृष्ण लोक का भूमि-पूजन, 5,000 साल पुराने इतिहास को जीवंत करने की शुरुआत।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 4 सितंबर को इंदौर के जानापाव में भगवान श्री परशुराम लोक व कृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित किया।
मध्य प्रदेश में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े समस्त स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
जानापाव को महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम स्थल के रूप में रेखांकित किया गया।
चित्रकूट धाम , रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र और धार जिले के युद्ध-स्थल भी धार्मिक पर्यटन विकास योजना में शामिल।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लगभग 5,000 वर्ष पुराने पौराणिक इतिहास को पुनर्जीवित करना है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को इंदौर जिले के जानापाव में आयोजित भूमि-पूजन कार्यक्रम में घोषणा की कि प्रदेश में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े समस्त स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कार्यक्रम जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें भगवान श्री परशुराम लोक एवं भगवान श्रीकृष्ण लोक के निर्माण का शुभारंभ हुआ।

जानापाव का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जानापाव वह पुण्यभूमि है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह स्थल महर्षि परशुराम की जन्मस्थली भी है और यहाँ से साढ़े सात नदियों का उद्गम होता है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना समस्त उपस्थितजनों का सौभाग्य है।

श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन पर मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि परशुराम द्वारा प्रदत्त सुदर्शन चक्र भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण अस्त्र बना। उन्होंने शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और तत्पश्चात धर्म-रक्षा के निमित्त उसका अंत किया — यह सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का अनुपम संदेश है।

सरकार की धार्मिक पर्यटन योजना

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश का लगभग 5,000 वर्ष पुराने इस गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चित्रकूट धाम, जानापाव, श्रीराम वनगमन से संबद्ध आश्रम एवं अन्य पौराणिक स्थलों के साथ-साथ रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित किया जाएगा। जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के चरण पड़े, उन सभी स्थलों को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से सँवारा जाएगा।

आगे की राह

यह घोषणा मध्य प्रदेश सरकार की व्यापक धार्मिक पर्यटन नीति का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसके तहत प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों के लिए एक प्रमुख आस्था-केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। भगवान श्री परशुराम लोक और भगवान श्रीकृष्ण लोक के विकास से जानापाव क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

समयसीमा और पारदर्शी क्रियान्वयन ढाँचा कितना ठोस है — क्योंकि अतीत में ऐसी कई धार्मिक पर्यटन परियोजनाएँ घोषणा के बाद गति खो बैठी हैं। जानापाव जैसे स्थलों की पारिस्थितिक संवेदनशीलता — साढ़े सात नदियों का उद्गम — यह भी माँग करती है कि विकास योजनाएँ पर्यावरणीय दृष्टि से भी जवाबदेह हों।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM मोहन यादव ने जानापाव में क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को जानापाव में भूमि-पूजन के दौरान घोषणा की कि मध्य प्रदेश में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान श्री परशुराम लोक और भगवान श्रीकृष्ण लोक के निर्माण का शुभारंभ भी हुआ।
जानापाव का धार्मिक महत्व क्या है?
जानापाव इंदौर जिले में स्थित वह स्थल है जिसे महर्षि परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है और जहाँ से साढ़े सात नदियों का उद्गम होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था।
मध्य प्रदेश में कौन-कौन से स्थल तीर्थ के रूप में विकसित होंगे?
सरकार की योजना में चित्रकूट धाम, श्रीराम वनगमन से जुड़े आश्रम, रुक्मिणी हरण से संबद्ध क्षेत्र और धार जिले के युद्ध-स्थल शामिल हैं। इन सभी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
इस विकास योजना से मध्य प्रदेश को क्या लाभ होगा?
इन स्थलों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश के लगभग 5,000 वर्ष पुराने पौराणिक इतिहास को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों के समक्ष जीवंत रूप में प्रस्तुत करना है।
भगवान श्रीकृष्ण और मध्य प्रदेश का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार मध्य प्रदेश का भगवान श्रीकृष्ण से गहरा पौराणिक संबंध है — जानापाव में सुदर्शन चक्र प्राप्ति, रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र और धार जिले में हुए युद्ध इसके प्रमुख प्रसंग हैं। सरकार इन सभी स्थलों को विकसित कर इस संबंध को ऐतिहासिक रूप से स्थापित करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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