जन्माष्टमी पर योगी आदित्यनाथ का 20वीं बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि दर्शन, श्रद्धालुओं पर की पुष्प वर्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार, 4 सितंबर की सुबह मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए यह उनका 20वाँ जन्मभूमि दर्शन रहा — एक ऐसी परंपरा जो उनके हर जन्माष्टमी ब्रज प्रवास का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
मुख्य गर्भगृह में दर्शन और विशेष पूजन
मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान के साथ मुख्य गर्भगृह में विराजमान 'लाला' (बाल कृष्ण) के दर्शन किए और विशेष पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस वर्ष जन्माष्टमी पर मुख्य गर्भगृह की दीवारों को चाँदी की परत से सजाया गया था, जिसे देखकर योगी काफी देर तक भक्तिभाव में लीन रहे।
गर्भगृह दर्शन के उपरांत उन्होंने परिसर में स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी पूजन-अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
गोमाता पूजन और श्रद्धालुओं का अभिवादन
मंदिर में पूजन से पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में गोमाता का विधिवत पूजन किया। परिसर में उपस्थित हज़ारों श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए उन्होंने देर तक पुष्प वर्षा की और सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
उज्जैन के कलाकारों का उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री ने परिसर में सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे उज्जैन से आए कलाकारों के बीच पहुँचकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। योगी आदित्यनाथ कुल करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने उनके आगमन पर भव्य स्वागत किया।
एक्स पर जन्माष्टमी संदेश
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने एक्स पर पोस्ट कर देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'भक्ति, प्रेम एवं धर्म के शाश्वत आलोक, वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण जी के पावन अवतरण दिवस 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' की सभी प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ। भक्तवत्सल भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से सभी के जीवन में प्रेम, करुणा, धर्म एवं निष्काम कर्म के आदर्श प्रतिष्ठित हों तथा चराचर जगत में सुख, शांति, समृद्धि व लोकमंगल का विस्तार हो, यही प्रार्थना है।'
यह ब्रज प्रवास का दूसरा दिन था और जन्माष्टमी महापर्व के उत्सव में मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी।