मथुरा जन्माष्टमी 2026: 500 ड्रोन से सजेगा आसमान, 4 सितंबर को रात 9 बजे होगा भव्य शो
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा में इस वर्ष जन्माष्टमी का उत्सव केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भक्ति और आधुनिक तकनीक के अभूतपूर्व संगम का गवाह बनेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। 4 सितंबर की रात पहली बार 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे और कृष्णलीला के दृश्यों को जीवंत करेंगे।
ड्रोन शो: मुख्य आकर्षण
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि 4 सितंबर को रात करीब 9 बजे शुरू होने वाला ड्रोन शो लगभग एक घंटे तक चलेगा। इस दौरान 500 ड्रोन एक साथ आसमान में विभिन्न आकृतियाँ बनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं से जुड़े दृश्य प्रस्तुत करेंगे। यह शो श्रीकृष्ण जन्मभूमि के आसपास करीब 3 से 4 किलोमीटर की दूरी तक दृश्यमान होगा, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ इस अनूठे आयोजन का हिस्सा बन सकेंगे।
तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम
2 सितंबर से 4 सितंबर तक डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य प्रेक्षागृह में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी। 2 सितंबर को दोपहर 3 बजे उद्घाटन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद श्याम जी शंख वादन, भारत भूषण का भजन-कीर्तन, और गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से 'मुदरिया प्रेम एवं नंदोत्सव' की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। शाम 7 से 9 बजे तक श्रुति अनंदिता वर्मा के निर्देशन में आरुष वर्मा, कमला बैरवा, निष्ठा शर्मा, रालीग खान और सम्राट कुमार का कृष्णा कॉन्सर्ट-डिवोशनल म्यूजिकल कार्यक्रम होगा, जिसमें भक्ति और आधुनिक संगीत का अनूठा मिश्रण होगा।
3 सितंबर को देवेश शर्मा के भजन गायन और कृष्णा सागर कलेक्टिव की भजन जेमिंग के साथ रासलीला अकादमी की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। 4 सितंबर को मोहित शैवानी 'कृष्णानयन-कृष्णप्रिय वो जो कभी कहा नहीं गया' की प्रस्तुति देंगे। हार्टफुलनेस फाउंडेशन की ओर से सुनीति मिश्रा 'कृष्ण : अनंत रंग, अनंत भाव' प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद अनिरबान का भजन एवं बांसुरी वादन और मैत्रेयी राय का भजन गायन होगा। शाम 7 से 9 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या इस तीन दिवसीय उत्सव का भावपूर्ण समापन करेगी।
ब्रज की लोककला को मंच
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान शहर में 5 बड़े और 21 छोटे मंच बनाए जाएंगे। इन मंचों पर ब्रज के स्थानीय कलाकार अपनी लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। यह पहल न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देगी, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ब्रज की पारंपरिक संस्कृति से परिचित कराएगी। इसके अलावा पहली बार पांचजन्य प्रेक्षागृह परिसर में फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर में 129 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और 24 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। निगरानी के लिए 16 वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ से पुलिसकर्मी भीड़ की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे। ड्रोन कैमरों के ज़रिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की निगरानी भी होगी। जन्माष्टमी के दौरान करीब 350 मुख्य आरक्षी और आरक्षी तथा 50 महिला आरक्षियों की तैनाती रहेगी। रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान के ज़रिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा जाएगा।
आगे की तैयारी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में मथुरा-वृंदावन में धार्मिक पर्यटन को लगातार प्राथमिकता दी जाती रही है। इस बार ड्रोन तकनीक का उपयोग इस दिशा में एक नया अध्याय जोड़ता है। आयोजकों का मानना है कि यह उत्सव मथुरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में और मज़बूती से स्थापित करेगा।