9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 6 दिसंबर को कारसेवा का ऐलान, चित्रगुप्त पीठ में हवन-पूजन संपन्न

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 6 दिसंबर को कारसेवा का ऐलान, चित्रगुप्त पीठ में हवन-पूजन संपन्न

सारांश

मथुरा के चित्रगुप्त पीठ में हवन-पूजन और शंखनाद के साथ 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा का ऐलान हुआ। पीठाधीश्वर ने अयोध्या की तर्ज पर संकल्प जताया। मंदिर के लिए गुलाबी पत्थर भी पहुँचे, मगर एक पत्थर के गायब होने की खबर ने हलचल बढ़ा दी। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया।

मुख्य बातें

चित्रगुप्त पीठ, मथुरा में 9 अगस्त को हवन-पूजन और शंखनाद के साथ 6 दिसंबर को कारसेवा का ऐलान किया गया।
पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि में ठाकुरजी को भोग लगाने की योजना घोषित की।
मंदिर निर्माण के लिए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप आश्रम पहुँची; एक पत्थर के गायब होने की सूचना, जाँच जारी।
आईजी, एसपी, सीआरपीएफ और कमांडो ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला; चित्रगुप्त पीठ के बाहर भारी पुलिस तैनाती।
6 दिसंबर की तारीख बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगाँठ के कारण संवेदनशील मानी जा रही है।

मथुरा के राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ में 9 अगस्त को हवन-पूजन, भागवत कथा और शंखनाद के साथ 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा करने की घोषणा की गई। पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने इस अवसर पर जन्मभूमि में ठाकुरजी को भोग लगाने की योजना का भी ऐलान किया। इस घोषणा के बाद मथुरा में प्रशासनिक सतर्कता तेज़ हो गई है।

धार्मिक आयोजन और संकल्प

चित्रगुप्त पीठ में रविवार सुबह से ही धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो गया। भागवत कथा, कीर्तन और हवन-पूजन के बाद संतों की उपस्थिति में कारसेवा की तिथि की घोषणा की गई।

स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा, "यह यज्ञ एक खास संकल्प के साथ किया जा रहा है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक भगवान श्री कृष्ण को उनकी जन्मभूमि पर स्थापित नहीं कर दिया जाता, ठीक वैसे ही जैसे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 'यज्ञ' शुरू किया गया था।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कारसेवा से पूर्व सभी आवश्यक धार्मिक रस्में विधिवत पूरी की जा चुकी हैं। उनके शब्दों में, "जब भी कोई शुभ कार्य किया जाता है तो उससे पहले हवन-पूजन और कीर्तन किया जाता है। हमने भागवत कथा और कीर्तन पहले ही पूरा कर लिया है। अब हवन-पूजन भी पूरा हो गया है।"

गुलाबी पत्थरों की खेप और एक पत्थर के गायब होने का मामला

कारसेवा की घोषणा के साथ-साथ मंदिर निर्माण के लिए मँगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप आश्रम पहुँच चुकी है। हालाँकि, इसी बीच एक पत्थर के गायब होने की सूचना भी सामने आई है।

स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया, "मुझे अभी-अभी पत्थर के बारे में पता चला। ऐसा लगता है कि वह उस जगह पर नहीं है जहाँ हमने उसे रखा था। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे किसने हटाया। मुझे अभी कुछ भी पता नहीं है।" इस मामले की जाँच जारी है।

प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था

कारसेवा की घोषणा और पत्थरों के आगमन के बाद मथुरा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। चित्रगुप्त पीठ के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आईजी, एसपी, सीआरपीएफ, कमांडो और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला।

यह ऐसे समय में आया है जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद न्यायालयों में भी विचाराधीन है और इस मुद्दे पर देशभर में धार्मिक भावनाएँ संवेदनशील बनी हुई हैं। 6 दिसंबर की तारीख का चुनाव भी उल्लेखनीय है, क्योंकि यह बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगाँठ का दिन है — एक तथ्य जो इस घोषणा को और अधिक संवेदनशील बनाता है।

आगे क्या

प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि 6 दिसंबर को प्रस्तावित कारसेवा को अनुमति दी जाएगी या नहीं। गायब पत्थर के मामले में भी जाँच के नतीजे आना बाकी हैं। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया महत्त्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह घोषणा उसी कथानक को आगे बढ़ाती है। हालाँकि, यह मुद्दा अभी न्यायालयों में विचाराधीन है, इसलिए कारसेवा की वैधानिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। प्रशासन की त्वरित तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार किसी भी स्थिति के लिए तैयार है — लेकिन राजनीतिक दबाव और कानूनी बाधाओं के बीच यह संतुलन कितना टिकाऊ होगा, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मथुरा में 6 दिसंबर को कारसेवा की घोषणा किसने और कहाँ की?
यह घोषणा मथुरा के राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को हवन-पूजन और शंखनाद के बाद संतों की उपस्थिति में की। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि में ठाकुरजी को भोग लगाने की योजना का भी ऐलान किया।
6 दिसंबर की तारीख क्यों चुनी गई?
6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगाँठ का दिन है, जो धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। आयोजकों ने इस तारीख को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर संकल्प के प्रतीक के रूप में चुना है।
मंदिर के लिए मँगाए गए पत्थर का क्या हुआ?
मंदिर निर्माण के लिए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप आश्रम पहुँच चुकी है, लेकिन एक पत्थर के गायब होने की सूचना मिली है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार, जाँच जारी है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पत्थर को किसने और क्यों हटाया।
कारसेवा की घोषणा के बाद मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
चित्रगुप्त पीठ के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आईजी, एसपी, सीआरपीएफ, कमांडो और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला है, जो प्रशासन की बढ़ी हुई सतर्कता को दर्शाता है।
क्या श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद अभी अदालत में है?
हाँ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले अभी न्यायालयों में विचाराधीन हैं। इस कारण कारसेवा की वैधानिक स्थिति और प्रशासनिक अनुमति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले