मथुरा में 9 अगस्त को कार सेवा का ऐलान: सच्चिदानंद महाराज ने कृष्ण भक्तों से मथुरा पहुँचने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर 9 अगस्त 2026 को मथुरा में कार सेवा आयोजित करने का ऐलान किया है। उनके अनुसार यह आंदोलन भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली को उसके मूल स्वरूप में वापस दिलाने के लिए होगा और देशभर के संत-महात्माओं का इसमें पूर्ण समर्थन प्राप्त है। महाराज ने 7 जुलाई को यह जानकारी देते हुए कहा कि अदालती प्रक्रिया में बार-बार बाधाएँ उत्पन्न की जा रही हैं, जिसके कारण भगवान को उनका उचित स्थान नहीं मिल पा रहा।
अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर ब्रजभूमि में कार सेवा
सच्चिदानंद महाराज ने 1990 के अयोध्या राम मंदिर आंदोलन का संदर्भ देते हुए कहा कि जिस प्रकार उस समय संतों और भक्तों ने रामलला की स्थापना के लिए कार सेवा की थी, उसी प्रकार अब ब्रजभूमि में भी यह प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 अगस्त की तिथि अगस्त माह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर चुनी गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत दिल्ली से यात्रा प्रारंभ होकर मथुरा पहुँचेगी और वहाँ कार सेवा का रूप लेगी।
संत समाज का व्यापक समर्थन
महाराज ने बताया कि इस आंदोलन की तैयारी के सिलसिले में दिल्ली में हिंदू महासभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। हरिद्वार में खड़गपुर परिषद के प्रमुख और अन्य संतों के साथ भी बैठकें निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त बागेश्वर धाम सहित विभिन्न धार्मिक केंद्रों के संतों का समर्थन भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संत इस बात पर एकमत हैं कि अब वह समय आ गया है जब श्री कृष्ण की जन्मस्थली को उसके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाए।
भक्तों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
सच्चिदानंद महाराज ने पूरे भारत के सनातनी और श्री कृष्ण भक्तों से आग्रह किया है कि वे 9 अगस्त को मथुरा में बड़ी संख्या में उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में प्रतिदिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं और इस कार्यक्रम को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। उनके अनुसार यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सनातनी ही नहीं, अन्य धर्मों के लोग भी श्री कृष्ण के भजन गाते हैं और इस आंदोलन में लाखों भक्तों के जुड़ने की संभावना है।
राम मंदिर दान विवाद पर सरकार में भरोसा
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर सच्चिदानंद महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार में विश्वास जताया और एसआईटी जाँच का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक संत और धर्म के रक्षक हैं, और उनके द्वारा गठित एसआईटी पूर्ण निष्पक्षता एवं सख्ती से जाँच करेगी। महाराज ने यह भी सुझाव दिया कि एसआईटी को इस बात की भी जाँच करनी चाहिए कि कहीं विपक्षी तत्वों ने जानबूझकर संदिग्ध व्यक्तियों को समिति में स्थान तो नहीं दिलाया। उन्हें उम्मीद है कि एसआईटी की रिपोर्ट शीघ्र आएगी और दोषियों को दंड मिलेगा।
आगे की राह
कार सेवा की घोषणा ऐसे समय में आई है जब श्री कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विभिन्न मुकदमे न्यायालयों में विचाराधीन हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आंदोलन न्यायिक प्रक्रिया के समानांतर सामाजिक दबाव बनाने का प्रयास हो सकते हैं। गौरतलब है कि यह आंदोलन अयोध्या राम मंदिर निर्माण के बाद देश में धार्मिक स्थलों को लेकर बढ़ती सक्रियता की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा प्रतीत होता है। 9 अगस्त का कार्यक्रम किस रूप में आकार लेता है, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।