मध्य प्रदेश के 37 जिलों में भीषण लू का अलर्ट, खजुराहो में तापमान 47.4°C पर पहुँचा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश के 37 जिलों में भीषण लू का अलर्ट, खजुराहो में तापमान 47.4°C पर पहुँचा

सारांश

मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर जारी है — खजुराहो में 47.4°C के साथ 37 जिले लू की चपेट में हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सूखे की स्थिति और राहत देने वाले किसी मौसम तंत्र की अनुपस्थिति ने संकट को और गहरा किया है।

मुख्य बातें

खजुराहो में 20 मई को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज — राज्य का इस मौसम का सर्वाधिक तापमान।
IMD ने 37 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया; गुरुवार को अधिकांश हिस्सों में 43 से 45°C रहने की संभावना।
सतना , खजुराहो , मंडला , नौगांव और दमोह में आधिकारिक तौर पर लू की स्थिति दर्ज।
मौसम वैज्ञानिकों ने कारण बताया — जारी सूखा और निकट भविष्य में किसी राहतकारी मौसम तंत्र की अनुपस्थिति।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने और खूब पानी पीने की सलाह दी।

मध्य प्रदेश इस समय प्रचंड गर्मी की चपेट में है — खजुराहो में 20 मई को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक तापमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने आगामी दिनों के लिए कुल 37 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है।

तापमान का हाल

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 मई को अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि पूर्वी हिस्सों में यह 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। सतना, खजुराहो, मंडला, नौगांव और दमोह में आधिकारिक तौर पर लू की स्थिति दर्ज की गई। IMD के अनुसार, गुरुवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

लू की चपेट में आए 37 जिले

लू के अलर्ट में शामिल जिलों में भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, मऊगंज, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी प्रमुख हैं।

लू की वजह क्या है

मौसम वैज्ञानिकों ने मौजूदा भीषण गर्मी का कारण जारी सूखे की स्थिति और किसी भी प्रभावी मौसम तंत्र की अनुपस्थिति को बताया है, जो निकट भविष्य में राहत दे सके। हीट इंडेक्स भी सामान्य से अधिक बना रहने की आशंका है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ेंगे। गौरतलब है कि यह स्थिति मई के उत्तरार्ध में आई है, जब मानसून-पूर्व राहत की उम्मीद होती है।

स्वास्थ्य सलाह और सावधानियाँ

स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निवासियों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खूब पानी पीना, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, सिर ढकना और छाते व धूप के चश्मे का उपयोग करना आवश्यक बताया गया है। प्रशासन ने विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

आगे क्या

अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे IMD और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम अपडेट पर लगातार नज़र रखें। फिलहाल तापमान में गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं, और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सूखे और गर्मी का संयोग हर साल पहले और तीखा होता जा रहा है। 37 जिलों में एक साथ अलर्ट यह दर्शाता है कि यह स्थानीय नहीं, राज्यव्यापी आपात स्थिति है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन की स्वास्थ्य सलाह उन मज़दूरों, किसानों और बेघर लोगों तक पहुँच रही है, जो दोपहर की धूप से बचने का विकल्प नहीं रखते। चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं — ज़मीनी राहत तंत्र की जवाबदेही भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में लू का अलर्ट कितने जिलों में जारी किया गया है?
IMD ने मध्य प्रदेश के कुल 37 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, खजुराहो, दमोह और छतरपुर सहित राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों के जिले शामिल हैं।
खजुराहो में इतना अधिक तापमान क्यों दर्ज हुआ?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जारी सूखे की स्थिति और किसी प्रभावी मौसम तंत्र की अनुपस्थिति के कारण खजुराहो में 20 मई को 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। निकट भविष्य में राहत के कोई संकेत नहीं हैं।
लू से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा खूब पानी पीना, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, सिर ढकना और छाते का उपयोग करना आवश्यक बताया गया है।
मध्य प्रदेश में लू का सबसे ज़्यादा खतरा किसे है?
प्रशासन ने बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक जोखिम में बताया है। इन वर्गों को विशेष सतर्कता बरतने और गर्म घंटों में घर के अंदर रहने की अपील की गई है।
मध्य प्रदेश में गर्मी कब तक रहेगी?
IMD के अनुसार फिलहाल तापमान में गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं और गुरुवार को भी अधिकांश जिलों में 43 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे IMD और स्थानीय प्रशासन के मौसम अपडेट पर नज़र रखें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 19 घंटे पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले