3 नवंबर 2026
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मध्य प्रदेश: अवैध शराब मामले में सहायक आबकारी अधिकारी व 2 आरक्षक निलंबित, टिमरनी की 3 दुकानों के लाइसेंस रद्द

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मध्य प्रदेश: अवैध शराब मामले में सहायक आबकारी अधिकारी व 2 आरक्षक निलंबित, टिमरनी की 3 दुकानों के लाइसेंस रद्द

सारांश

मध्य प्रदेश के देवास-खातेगांव अवैध शराब परिवहन मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी और दो आरक्षक निलंबित किए। हरदा कलेक्टर ने टिमरनी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए। जाँच जारी है।

मुख्य बातें

सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वाघेल को 2 नवंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
आबकारी आयुक्त ने आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को भी निलंबित किया।
हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसधारी पतेन्द्र जायसवाल की टिमरनी की 3 शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए — सोडालपुर रोड, रहतगांव और हरदा रोड ।
कार्रवाई देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन से जुड़े मामले के बाद हुई।
मामले की जाँच जारी; अतिरिक्त अनियमितताएँ मिलने पर और कार्रवाई संभव।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन मामले में निगरानी विफलता के आरोप में आबकारी विभाग ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वाघेल को 2 नवंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसी कड़ी में आबकारी आयुक्त ने दो आरक्षकों — अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार — के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की है।

मुख्य घटनाक्रम

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वाघेल वर्तमान में हरदा जिले के टिमरनी सर्किल में पदस्थ थे। प्रारंभिक जाँच में उनकी निगरानी और निरीक्षण संबंधी जिम्मेदारियों के पालन में कथित लापरवाही उजागर हुई, जिसके चलते यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई। तीनों का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई देवास जिले में अवैध शराब के परिवहन से जुड़े एक गंभीर प्रकरण के बाद सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में स्पष्ट हुआ कि निगरानी में कथित चूक के कारण ही अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा सका।

लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई

प्रशासनिक कार्रवाई केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसधारी पतेन्द्र जायसवाल द्वारा संचालित टिमरनी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं। ये दुकानें सोडालपुर रोड, रहतगांव और हरदा रोड पर स्थित हैं।

इन दुकानों का लाइसेंस निलंबन इस पूरे मामले में प्रशासन की व्यापक जवाबदेही कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।

आबकारी विभाग का रुख

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने यह भी कहा कि सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस प्रकार की कार्रवाइयाँ राज्य में आबकारी तंत्र की जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस को भी रेखांकित करती हैं।

आगे की जाँच

अधिकारी अभी घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला और उन प्रशासनिक व निगरानी संबंधी चूकों की जाँच कर रहे हैं, जिनके कारण यह मामला सामने आया। जाँच के दौरान यदि अतिरिक्त अनियमितताएँ उजागर होती हैं, तो आवश्यकतानुसार और कार्रवाई भी की जाएगी। मामले की जाँच फिलहाल जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि खातेगांव जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब का नेटवर्क इतने लंबे समय तक चलता कैसे रहा। मध्य प्रदेश में पहले भी ऐसे निलंबन हुए हैं, परंतु निलंबित अधिकारियों के विरुद्ध अंतिम विभागीय कार्रवाई अक्सर धीमी या अधूरी रहती है। तीन दुकानों का लाइसेंस निलंबन आपूर्ति-शृंखला को बाधित करने की कोशिश है, लेकिन मूल आपूर्तिकर्ताओं और परिवहन नेटवर्क की पहचान के बिना यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी। जब तक जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते और दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक यह कदम महज प्रतिक्रियात्मक बना रहेगा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश अवैध शराब मामले में किसे निलंबित किया गया है?
आबकारी विभाग ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वाघेल और आरक्षक अरुण कुमरे तथा कृष्णपाल सिंह डोडियार को निलंबित किया है। यह कार्रवाई देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन मामले में कथित लापरवाही के आधार पर की गई है।
टिमरनी की शराब दुकानों के लाइसेंस क्यों निलंबित किए गए?
हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसधारी पतेन्द्र जायसवाल की सोडालपुर रोड, रहतगांव और हरदा रोड स्थित तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए। यह कदम अवैध शराब परिवहन मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उठाया गया है।
वाघेल के विरुद्ध कार्रवाई का आधार क्या है?
प्रारंभिक जाँच में अमर सिंह वाघेल की निगरानी और निरीक्षण जिम्मेदारियों के पालन में कथित लापरवाही सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, इसी चूक के कारण अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा सका।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारी घटनाक्रम की पूरी शृंखला और प्रशासनिक चूकों की जाँच कर रहे हैं। यदि जाँच में अतिरिक्त अनियमितताएँ उजागर होती हैं तो आवश्यकतानुसार और कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश आबकारी विभाग का अवैध शराब पर क्या रुख है?
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार रोकने में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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