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मुंबई: एक्सिस बैंक में ₹29.83 लाख की धोखाधड़ी, मृत खाताधारक के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली रकम

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मुंबई: एक्सिस बैंक में ₹29.83 लाख की धोखाधड़ी, मृत खाताधारक के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली रकम

सारांश

मुंबई के ताड़देव स्थित एक्सिस बैंक शाखा में मृत खाताधारक के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर ₹29.83 लाख की हेराफेरी का मामला सामने आया है। राहुल पंजवाणी, अभिषेक वर्मा और राम पाल पर FIR दर्ज; पुलिस जाँच कर रही है कि क्या और खातों से भी रकम निकाली गई।

मुख्य बातें

मुंबई के ताड़देव रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में मृत खाताधारक विमला पाटिल के खाते से ₹29,83,200 की कथित हेराफेरी।
आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षर वाले कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए NEFT, UPI और IMPS से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की।
राहुल पंजवाणी, अभिषेक वर्मा और राम पाल के खिलाफ ताड़देव पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
पुलिस जाँच कर रही है कि आरोपियों ने अन्य मृत खाताधारकों के खातों से भी रकम निकाली है या नहीं।
4 जुलाई को क्राइम ब्रांच ने अलग साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया था; 66 ATM कार्ड, 122 चेकबुक और 68 फर्जी रबर स्टैंप बरामद।

मुंबई के ताड़देव रोड स्थित एक्सिस बैंक की एक शाखा में बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर एक मृत खाताधारक के खाते से ₹29,83,200 की हेराफेरी की है। 14 जुलाई 2026 को सामने आए इस मामले में पुलिस और बैंक अधिकारी संयुक्त रूप से जाँच कर रहे हैं।

कैसे हुई धोखाधड़ी

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, मृत खाताधारक विमला पाटिल के नाम पर कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उस फॉर्म को बैंक में जमा कराया गया। इसके बाद NEFT, UPI और IMPS के माध्यम से यह रकम अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। यह ऐसे समय में सामने आया है जब बैंकिंग क्षेत्र में आंतरिक धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

मामला दर्ज, तीन आरोपी

एक्सिस बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर ताड़देव पुलिस स्टेशन में राहुल पंजवाणी, अभिषेक वर्मा और राम पाल के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य मृत खाताधारकों के खातों से भी अवैध रूप से धन निकाला है।

मुंबई में बैंकिंग धोखाधड़ी का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि इससे पहले 4 जुलाई को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग के लिए बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस मामले में गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 को सूचना मिली थी कि अंधेरी पश्चिम के मरोल क्षेत्र स्थित एक कार्यालय से फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग में किया जा रहा था। जाँच में पता चला कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में चालू खाते खुलवाते थे और उनसे जुड़े डेबिट कार्ड व सिम कार्ड सक्रिय कर डिब्रूगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भेजते थे।

बरामदगी

4 जुलाई के मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 12 सिम कार्ड, 19 बैंक पासबुक, 122 चेकबुक, 2 लैपटॉप, एक कैनन कलर प्रिंटर, 2 पेन ड्राइव और 68 फर्जी रबर स्टैंप बरामद किए।

आगे की जाँच

ताड़देव मामले में पुलिस की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस धोखाधड़ी का दायरा और अधिक खातों तक फैला हुआ है। बैंकिंग नियामकों की भूमिका और आंतरिक निगरानी तंत्र की विफलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यह चूक हुई। 4 जुलाई के साइबर गिरोह मामले के साथ जोड़कर देखें तो मुंबई में बैंकिंग धोखाधड़ी एक प्रणालीगत समस्या बनती जा रही है, जिसके लिए नियामकीय जवाबदेही जरूरी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई एक्सिस बैंक धोखाधड़ी मामला क्या है?
मुंबई के ताड़देव रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर मृत खाताधारक विमला पाटिल के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर ₹29,83,200 NEFT, UPI और IMPS के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। मामला 14 जुलाई 2026 को सामने आया।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उनके नाम क्या हैं?
ताड़देव पुलिस स्टेशन में राहुल पंजवाणी, अभिषेक वर्मा और राम पाल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है। तीनों पर एक्सिस बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस अब क्या जाँच कर रही है?
पुलिस यह जाँच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य मृत खाताधारकों के खातों से भी अवैध रूप से धन निकाला है या नहीं। मामले की जाँच जारी है।
4 जुलाई का मुंबई क्राइम ब्रांच मामला इससे कैसे जुड़ा है?
4 जुलाई का मामला एक अलग गिरोह से जुड़ा है जो फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग में उनका दुरुपयोग कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने उस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और 66 ATM कार्ड, 122 चेकबुक व 68 फर्जी रबर स्टैंप बरामद किए।
एक्सिस बैंक में इस तरह की धोखाधड़ी कैसे संभव हुई?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, मृत खाताधारक के नाम पर कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और बिना उचित सत्यापन के फॉर्म बैंक में स्वीकार हो गया। यह बैंक की आंतरिक निगरानी प्रणाली में गंभीर चूक को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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