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बांद्रा पूर्व ध्वस्तीकरण विवाद: भड़काऊ पोस्ट पर मुंबई साइबर पुलिस ने दो के खिलाफ केस दर्ज किया

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बांद्रा पूर्व ध्वस्तीकरण विवाद: भड़काऊ पोस्ट पर मुंबई साइबर पुलिस ने दो के खिलाफ केस दर्ज किया

सारांश

बांद्रा पूर्व में पश्चिम रेलवे की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद भड़के तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाने के आरोप में मुंबई साइबर पुलिस ने दो लोगों पर बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने नागरिकों को अपुष्ट सूचना साझा न करने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

मुंबई पश्चिमी साइबर पुलिस स्टेशन ने 23 मई 2025 को दो व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
आरोप है कि 22 मई को एक्स पर साझा पोस्ट में बांद्रा पूर्व ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर मनगढ़ंत और भड़काऊ दावे किए गए।
पश्चिम रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान में बांद्रा पूर्व के गरीब नगर में एक अवैध मस्जिद का हिस्सा गिराया गया, जिसके बाद लाठीचार्ज की नौबत आई।
मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक सलाह जारी कर नागरिकों को अपुष्ट जानकारी साझा न करने की चेतावनी दी।
साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी रखे हुए है; आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं।

मुंबई के पश्चिमी साइबर पुलिस स्टेशन ने बांद्रा पूर्व में हाल ही में हुई सरकारी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ 23 मई 2025 को आपराधिक मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, यह सामग्री जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से साझा की गई थी।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

साइबर पुलिस ने बताया कि 22 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट नज़र में आई, जिसमें बांद्रा पूर्व क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा की गई बेदखली और विध्वंस कार्रवाई से जुड़े कथित तौर पर मनगढ़ंत और निराधार दावे किए गए थे। इस पोस्ट की जाँच के बाद पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाले और वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस का आरोप और कानूनी कार्रवाई

जाँचकर्ताओं का मानना है कि भ्रामक जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से इस तरह प्रसारित की गई, जिससे नागरिकों में भय उत्पन्न हो, समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़े और शहर में अशांति फैले। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन फर्जी सूचना फैलाने या सोशल मीडिया के ज़रिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँगे।

बांद्रा पूर्व ध्वस्तीकरण का पूरा घटनाक्रम

गौरतलब है कि बांद्रा पूर्व के गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुधवार शाम 5 बजे एक अवैध मस्जिद के कुछ हिस्से को गिराया गया। इसके बाद स्थानीय निवासियों में तीव्र आक्रोश भड़क उठा और मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और बर्तन फेंके, जिसके बाद हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। शुक्रवार को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही।

पुलिस की सार्वजनिक सलाह

मुंबई पुलिस ने एक सार्वजनिक सलाह जारी कर नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और अपुष्ट जानकारी को आगे साझा करने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी या तथ्यात्मक रूप से गलत सूचना फैलाना, ऑनलाइन माध्यम से तनाव भड़काना या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

आगे क्या होगा

मामले की जाँच जारी है और साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में साइबर अपराध और सोशल मीडिया के ज़रिए सांप्रदायिक उकसावे पर कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी पहले से कहीं अधिक कड़ी हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उस पर नागरिक प्रतिक्रिया को महज़ 'अफवाह' करार देना पारदर्शिता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। डिजिटल अभिव्यक्ति पर कार्रवाई तभी विश्वसनीय होती है जब वह तथ्यात्मक रूप से गलत सामग्री पर केंद्रित हो — न कि असुविधाजनक सवालों पर।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई साइबर पुलिस ने किस मामले में केस दर्ज किया है?
मुंबई पश्चिमी साइबर पुलिस स्टेशन ने बांद्रा पूर्व में हुई सरकारी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर एक्स पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट फैलाने के आरोप में दो व्यक्तियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत 23 मई 2025 को मामला दर्ज किया है। आरोप है कि यह पोस्ट सांप्रदायिक तनाव और सार्वजनिक अशांति भड़काने के इरादे से साझा की गई थी।
बांद्रा पूर्व में ध्वस्तीकरण क्यों हुआ और क्या हुआ था?
पश्चिम रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बांद्रा पूर्व के गरीब नगर इलाके में बुधवार शाम 5 बजे एक अवैध मस्जिद के कुछ हिस्से को गिराया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पत्थर और बर्तन फेंके, जिससे लाठीचार्ज की नौबत आई और शुक्रवार को भी कार्रवाई जारी रही।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो सार्वजनिक शांति भंग करने, समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भय उत्पन्न करने से संबंधित हैं। जाँच जारी है और विस्तृत धाराओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक सलाह जारी कर नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और अपुष्ट जानकारी साझा न करने का आग्रह किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना फैलाना या ऑनलाइन माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना दंडनीय अपराध है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी रखे हुए है और अभी तक केवल दो व्यक्तियों पर केस दर्ज हुआ है। जाँच के दायरे को देखते हुए आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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