19 अगस्त 2026
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बीएमसी का खंडन: मुंबई मेयर के प्रचार पर ₹25 लाख खर्च का दावा गलत, जानें सच्चाई

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बीएमसी का खंडन: मुंबई मेयर के प्रचार पर ₹25 लाख खर्च का दावा गलत, जानें सच्चाई

सारांश

बीएमसी ने मुंबई मेयर के प्रचार पर ₹25 लाख खर्च के दावे को गलत ठहराया। निगम के अनुसार यह राशि पहले से नियुक्त एजेंसी 'रनटाइम सॉल्यूशंस' के जरिए पूरे निगम के सोशल मीडिया संचालन के लिए है — मेयर के लिए कोई अलग नियुक्ति या प्रचार अभियान नहीं।

मुख्य बातें

बीएमसी ने 19 अगस्त 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर मुंबई मेयर के प्रचार पर ₹25 लाख खर्च के दावे को गलत बताया।
निगम के अनुसार, 'रनटाइम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को टेंडर प्रक्रिया के तहत पहले से ही पूरे निगम के सोशल मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।
अगस्त 2026 से जुलाई 2027 तक एक वर्ष के लिए इसी एजेंसी के सेवा विस्तार को स्थायी समिति पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
बीएमसी ने स्पष्ट किया कि मेयर ने किसी अलग एजेंसी की नियुक्ति या अलग प्रचार कार्य का निर्देश नहीं दिया।
निगम ने मीडिया से अपील की कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत न किया जाए।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 19 अगस्त 2026 को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि मुंबई मेयर के प्रचार के लिए अलग से ₹25 लाख खर्च किए जाएंगे। बीएमसी के अनुसार, यह राशि किसी नई या अलग नियुक्ति के लिए नहीं, बल्कि पहले से नियुक्त एजेंसी के माध्यम से पूरे निगम के सोशल मीडिया संचालन के लिए निर्धारित है।

क्या था विवाद

कई मीडिया आउटलेट्स में यह खबरें प्रकाशित हुईं कि मुंबई मेयर के प्रचार-प्रसार के लिए ₹25 लाख रुपए की अलग व्यवस्था की जा रही है। इन रिपोर्ट्स में यह आरोप भी लगाया गया कि सार्वजनिक धन का उपयोग व्यक्तिगत छवि निर्माण के लिए किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर बीएमसी ने त्वरित स्पष्टीकरण जारी करना उचित समझा।

बीएमसी का आधिकारिक पक्ष

बीएमसी ने अपने बयान में कहा, 'बृहन्मुंबई महानगरपालिका कई सोशल मीडिया चैनल चलाता है। इन प्लेटफॉर्म को मैनेज करने के लिए तकनीकी जनशक्ति की जरूरत होती है। मेयर कार्यालय के सोशल मीडिया को मैनेज करने का खर्च उस एजेंसी के जरिए किया जाता है, जिसे पूरे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए नियुक्त किया गया है।'

निगम के अनुसार, 'रनटाइम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को निर्धारित टेंडर प्रक्रिया के तहत पहले से ही महानगरपालिका के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह एजेंसी तकनीकी जनशक्ति उपलब्ध कराती है।

स्थायी समिति की मंजूरी

बीएमसी ने स्पष्ट किया कि अगस्त 2026 से जुलाई 2027 तक — यानी एक वर्ष की अवधि के लिए — इसी एजेंसी को सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव स्थायी समिति में पहले ही पारित हो चुका है। मेयर कार्यालय के सोशल मीडिया हैंडलिंग के लिए तकनीकी सहायता भी इसी अनुमोदित एजेंसी के माध्यम से दी जा रही है।

मेयर की कोई अलग नियुक्ति नहीं

बीएमसी ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि मेयर ने इस कार्य के लिए न तो किसी अलग एजेंसी की नियुक्ति का निर्देश दिया है और न ही किसी पृथक प्रचार अभियान को अधिकृत किया है। निगम ने मीडिया से अपील की है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत न किया जाए।

आगे की स्थिति

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मुंबई में महानगरपालिका चुनावों की संभावित तैयारियों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। गौरतलब है कि सार्वजनिक निकायों द्वारा सोशल मीडिया प्रबंधन पर होने वाले खर्च को लेकर देशभर में पारदर्शिता की माँग बढ़ रही है। बीएमसी के इस स्पष्टीकरण के बाद अब यह देखना होगा कि संबंधित मीडिया संस्थान इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि मेयर कार्यालय के सोशल मीडिया प्रबंधन पर होने वाला वास्तविक खर्च कुल अनुबंध का कितना हिस्सा है। सार्वजनिक निकायों द्वारा सोशल मीडिया पर किए जाने वाले खर्च में पारदर्शिता की माँग पूरे देश में बढ़ रही है, और 'एक ही एजेंसी, सबके लिए' का तर्क जवाबदेही की जिम्मेदारी को धुंधला कर सकता है। असली जरूरत यह है कि बीएमसी यह सार्वजनिक करे कि मेयर कार्यालय के सोशल मीडिया पर कुल अनुबंध का कितना अनुपात खर्च होता है — तभी यह विवाद पूरी तरह शांत होगा।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी ने मुंबई मेयर के प्रचार पर ₹25 लाख खर्च के दावे को क्यों गलत बताया?
बीएमसी के अनुसार, यह राशि मेयर के व्यक्तिगत प्रचार के लिए नहीं, बल्कि पूरे निगम के सोशल मीडिया प्रबंधन के लिए पहले से नियुक्त एजेंसी के अनुबंध का हिस्सा है। मेयर ने इसके लिए कोई अलग एजेंसी नियुक्त नहीं की है।
बीएमसी के सोशल मीडिया का प्रबंधन कौन करता है?
'रनटाइम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को निर्धारित टेंडर प्रक्रिया के तहत बीएमसी के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। यही एजेंसी मेयर कार्यालय के सोशल मीडिया के लिए भी तकनीकी जनशक्ति उपलब्ध कराती है।
एजेंसी को सेवा विस्तार कब तक के लिए मंजूर किया गया है?
स्थायी समिति ने अगस्त 2026 से जुलाई 2027 तक एक वर्ष की अवधि के लिए 'रनटाइम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
क्या मुंबई मेयर ने अलग से प्रचार एजेंसी नियुक्त की है?
नहीं। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि मेयर ने किसी अलग एजेंसी की नियुक्ति या पृथक प्रचार अभियान का कोई निर्देश नहीं दिया है। सोशल मीडिया प्रबंधन पूरी तरह निगम-स्तरीय अनुबंध के तहत हो रहा है।
बीएमसी ने मीडिया से क्या अपील की?
बीएमसी ने मीडिया से अपील की है कि इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत न किया जाए और स्पष्टीकरण को उचित महत्व दिया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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