30 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई शेल्टर होम में नाबालिगों से मारपीट: कांदिवली के 'स्वागत आश्रम' के केयरटेकर पर केस दर्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई शेल्टर होम में नाबालिगों से मारपीट: कांदिवली के 'स्वागत आश्रम' के केयरटेकर पर केस दर्ज

सारांश

मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित 'स्वागत आश्रम' में देर से जागने पर दो नाबालिगों को कथित तौर पर गला दबाकर पीटा गया। डर से भागे बच्चे दादर स्टेशन पर मिले, पुलिस ने केयरटेकर पर केस दर्ज किया। यह घटना बाल संरक्षण गृहों की निगरानी पर गंभीर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

कांदिवली वेस्ट के 'स्वागत आश्रम' के 21 वर्षीय केयरटेकर राजेश कुमार पर दो नाबालिगों से मारपीट का मामला दर्ज।
8 जून को सुबह 4 बजे पानी भरने का काम करने के बाद थकान से देर से उठने पर 11 वर्षीय बच्चे को गला दबाकर थप्पड़ मारे गए।
हिंसा के डर से दोनों बच्चे आश्रम से भागे; दादर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर रेलवे पुलिस ने उन्हें बचाया।
पीड़ित के अनुसार सितंबर 2025 में पिता की मृत्यु के बाद से वे आश्रम में रह रहे थे; आश्रम में लगातार दुर्व्यवहार का आरोप।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, मुंबई सिटी के निर्देश पर केस दर्ज; दोनों बच्चों को सुरक्षित चिल्ड्रेन होम में भेजा गया।

मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित 'स्वागत आश्रम' में दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने 21 वर्षीय केयरटेकर राजेश कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आरोप है कि 8 जून को सुबह देर से जागने पर एक 11 वर्षीय बच्चे और उसके 14 वर्षीय साथी को गला दबाकर थप्पड़ मारे गए। मामला तब सामने आया जब दोनों बच्चे आश्रम से भाग निकले और उन्हें दादर रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

8 जून की रात करीब सुबह 4 बजे दोनों बच्चों को आश्रम में पानी भरने का काम सौंपा गया था। सुबह 5 बजे काम पूरा करने के बाद वे यह सोचकर सो गए कि 6 बजे रसोई के काम के लिए उठ जाएंगे। थकान के कारण समय पर न उठ पाने पर केयरटेकर ने कथित तौर पर पहले एक बच्चे पर बोतल फेंकी, फिर 11 साल के बच्चे की पीठ पर कई बार मुक्के मारे। जब बच्चा मुड़ा, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसका गला पकड़कर उसके चेहरे पर कई थप्पड़ जड़ दिए।

बच्चों का पलायन और पुलिस की कार्रवाई

हिंसा के डर से दोनों बच्चों ने आश्रम छोड़ने का फैसला किया। पीड़ित ने केयरटेकर का नाम बताकर एक सब्जी विक्रेता से ₹100 उधार लिए और दोनों ऑटो-रिक्शा से कांदिवली रेलवे स्टेशन पहुँचे, जहाँ से दादर जाने वाली लोकल ट्रेन पकड़ी। बताया जा रहा है कि वे अहिल्यानगर जाकर पीड़ित की माँ से मिलने की योजना बना रहे थे। दादर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर एक नागरिक ने दोनों बच्चों को भटकते देख रेलवे पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया।

पीड़ितों की पृष्ठभूमि और आश्रम में दुर्व्यवहार के आरोप

पीड़ित के बयान के अनुसार, सितंबर 2025 में पिता की मृत्यु के बाद से वे 'स्वागत आश्रम' में रह रहे थे। बच्चे ने पुलिस को बताया कि आश्रम में बच्चों के साथ लगातार दुर्व्यवहार और मारपीट होती थी — यह कोई अकेली घटना नहीं थी। गौरतलब है कि यह मामला उस समय सामने आया है जब देश भर में बाल संरक्षण गृहों में दुर्व्यवहार की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

पुलिस ने दोनों बच्चों की माँ से संपर्क किया और 'स्वागत आश्रम' के अधिकारियों को सूचित किया। मेडिकल जाँच के बाद दोनों को एक सुरक्षित चिल्ड्रेन होम में स्थानांतरित कर दिया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, मुंबई सिटी के निर्देशों पर पुलिस ने राजेश कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज किया। कथित मारपीट और आश्रम के समग्र कामकाज की जाँच जारी है।

आगे क्या होगा

पुलिस आश्रम में दुर्व्यवहार के अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की निगरानी में 'स्वागत आश्रम' के संचालन की विस्तृत जाँच की जाएगी। यह मामला एक बार फिर महाराष्ट्र में बाल संरक्षण गृहों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी व्यवस्थागत सुधार की रफ्तार धीमी है। जो बात और चिंताजनक है वह यह है कि पीड़ित बच्चों को न्याय तभी मिला जब वे खुद जान जोखिम में डालकर भागे — आश्रम के भीतर कोई शिकायत तंत्र काम नहीं किया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की भूमिका प्रतिक्रियावादी रही, न कि निवारक। बिना नियमित और अघोषित निरीक्षण के, ऐसे आश्रम बच्चों के लिए शरण नहीं, बल्कि खतरा बन सकते हैं।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के 'स्वागत आश्रम' में क्या हुआ?
कांदिवली वेस्ट स्थित 'स्वागत आश्रम' के 21 वर्षीय केयरटेकर राजेश कुमार ने कथित तौर पर 8 जून को दो नाबालिग बच्चों को देर से जागने पर गला दबाकर थप्पड़ मारे। दोनों बच्चे डर से आश्रम से भाग गए और दादर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें बचाया।
पुलिस को इस मामले का पता कैसे चला?
दादर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर एक नागरिक ने दोनों बच्चों को भटकते देख रेलवे पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की तो आश्रम में हो रहे कथित दुर्व्यवहार का पता चला।
ये बच्चे 'स्वागत आश्रम' में कब से और क्यों रह रहे थे?
पीड़ित के बयान के अनुसार, सितंबर 2025 में पिता की मृत्यु के बाद से दोनों बच्चे आश्रम में रह रहे थे। बच्चे ने यह भी बताया कि आश्रम में लगातार दुर्व्यवहार और मारपीट होती थी।
केस दर्ज होने के बाद बच्चों को कहाँ भेजा गया?
मेडिकल जाँच के बाद दोनों बच्चों को एक सुरक्षित चिल्ड्रेन होम में स्थानांतरित कर दिया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, मुंबई सिटी के निर्देश पर पुलिस ने केयरटेकर राजेश कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
अब आगे इस मामले में क्या होगा?
पुलिस 'स्वागत आश्रम' के समग्र कामकाज और कथित दुर्व्यवहार की विस्तृत जाँच कर रही है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की निगरानी में आश्रम के अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की कोशिश भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले