नागांव उपचुनाव: असम मंत्री पीयूष हजारिका का कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने 18 सितंबर 2026 को कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि धुबरी के मौजूदा सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र में कमज़ोर होती पकड़ के बाद अब नागांव में राजनीतिक पुनर्वास की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान 6 अक्टूबर को होने वाले नागांव लोकसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक तापमान को और ऊँचा उठाता है।
मुख्य घटनाक्रम
जुरिया डागाओ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक शपथ ग्रहण समारोह और जनसभा को संबोधित करते हुए हजारिका ने दावा किया कि धुबरी में रकीबुल हुसैन का राजनीतिक प्रभाव काफी घट चुका है। उन्होंने कहा, 'धुबरी में उनका गुब्बारा फूट गया है।'
मंत्री ने आरोप लगाया कि हुसैन पहले चाहते थे कि कांग्रेस पार्टी नागांव से दुर्लाव चामुआ को उम्मीदवार बनाए, और कथित तौर पर चामुआ ने अगले लोकसभा चुनाव में हुसैन के लिए सीट छोड़ने की सहमति भी दी थी। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
तीन दलों में त्रिकोणीय मुकाबला
नागांव उपचुनाव में BJP ने देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व बटाड्रोबा विधायक सिबामोनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस मुकाबले को तब त्रिकोणीय आयाम मिला जब अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (AIUDF) ने पार्टी प्रमुख और बिन्नाकंडी विधायक बदरुद्दीन अजमल को अपना उम्मीदवार घोषित किया।
गौरतलब है कि नागांव संसदीय सीट तब रिक्त हुई जब कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए। यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि असम में BJP, कांग्रेस और AIUDF तीनों दल इस सीट पर अपनी साख दाँव पर लगाए हुए हैं।
हजारिका का अल्पसंख्यक समर्थन का दावा
मंत्री हजारिका ने BJP की हाल की एक सभा में अल्पसंख्यक समुदाय के कथित तौर पर करीब 30,000 लोगों की उपस्थिति का हवाला देते हुए दावा किया कि उम्मीदवार देबाशीष शर्मा उपचुनाव जीतेंगे। उन्होंने इस उपस्थिति को BJP के व्यापक सामाजिक आधार का संकेत बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब असम में पार्टियाँ अल्पसंख्यक वोट बैंक को लेकर प्रतिस्पर्धा में हैं और AIUDF की मौजूदगी इस मुकाबले को और जटिल बनाती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
रकीबुल हुसैन फिलहाल धुबरी से लोकसभा सांसद हैं। हजारिका के बयान उन्हें सीधे निशाने पर रखते हैं, लेकिन कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नागांव असम का एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों का प्रभाव है, जिससे यह उपचुनाव सभी तीन दलों के लिए रणनीतिक रूप से अहम बन जाता है।
क्या होगा आगे
6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है और इससे पहले तीनों दलों का प्रचार अभियान तेज़ होने की उम्मीद है। BJP, कांग्रेस और AIUDF — तीनों दलों के लिए यह उपचुनाव असम की आगामी राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण पैमाना होगा।