28 जुलाई 2026
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असम में अपराधियों पर सख्ती का बचाव: मंत्री पीयूष हजारिका बोले, विपक्ष पुलिस कार्रवाई की आलोचना बंद करे

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असम में अपराधियों पर सख्ती का बचाव: मंत्री पीयूष हजारिका बोले, विपक्ष पुलिस कार्रवाई की आलोचना बंद करे

सारांश

असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने विधानसभा में विपक्ष को दो-टूक जवाब दिया — अपराधियों पर पुलिस की सख्ती का विरोध बंद हो। साथ ही ऐलान किया कि साइबर अपराधियों को भी ड्रग्स तस्करों जैसी कड़ी सजा मिलेगी।

मुख्य बातें

पीयूष हजारिका ने 28 जुलाई को असम विधानसभा में सरकार की सख्त पुलिसिंग नीति का बचाव किया।
मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह एक ओर अपराध रोकने की माँग करता है, दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करता है।
सरकार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ भी ड्रग्स तस्करों जैसी कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया।
ऑनलाइन वित्तीय घोटाले और डिजिटल अपराध पूरे राज्य में बढ़ रहे हैं — मंत्री ने इसे बड़ी चुनौती बताया।
असम सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति — पारंपरिक और डिजिटल, दोनों तरह के अपराधियों पर समान रूप से लागू होगी।

असम के संसदीय मामलों के मंत्री पीयूष हजारिका ने 28 जुलाई को गुवाहाटी में राज्य विधानसभा के भीतर सरकार की सख्त पुलिसिंग नीति का खुलकर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अपराधियों — जिनमें साइबर अपराधी भी शामिल हैं — के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।

विधानसभा में विपक्ष पर पलटवार

सदन में चर्चा के दौरान हजारिका ने विपक्ष की दोहरी नीति पर तीखा प्रहार किया। उनका कहना था कि विपक्षी दल एक ओर अपराध पर अंकुश लगाने की माँग करते हैं, तो दूसरी ओर आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर देते हैं।

उन्होंने कहा, "जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाती है, तो विपक्ष आपत्ति जताता है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का विरोध क्यों किया जाना चाहिए।"

पुलिसकर्मियों पर हमले का हवाला

मंत्री ने आरोप लगाया कि कई अपराधियों ने ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया और हिरासत से भाग निकले। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे हालात में गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाना अपरिहार्य हो जाता है।

हजारिका ने कहा, "कई अपराधी पुलिसकर्मियों पर हमला करके भाग जाते हैं। जब पुलिस ऐसे अपराधियों को सबक सिखाने की कोशिश करती है, तो विपक्ष उस कार्रवाई की आलोचना करने लगता है।"

साइबर अपराधियों पर भी 'जीरो-टॉलरेंस'

साइबर अपराध के बढ़ते खतरे का उल्लेख करते हुए हजारिका ने घोषणा की कि असम सरकार अब साइबर अपराधियों के खिलाफ भी उतनी ही कड़ी नीति अपनाएगी जितनी ड्रग्स तस्करों के विरुद्ध अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वित्तीय घोटालों और डिजिटल अपराधों के मामले पूरे राज्य में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया, "अब असम में साइबर अपराधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ड्रग्स के धंधेबाजों की तरह साइबर अपराधियों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"

सरकार की व्यापक अपराध-विरोधी नीति

यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम सरकार ने संगठित अपराध के विभिन्न रूपों — खासकर ड्रग्स तस्करी, अवैध गतिविधियों और वित्तीय धोखाधड़ी — के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज़ कर दिया है। हाल के वर्षों में राज्य पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं।

हजारिका ने दोहराया कि पारंपरिक अपराधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिये अपराध करने वालों के बीच कोई भेद नहीं किया जाएगा — दोनों के लिए कानून समान रूप से सख्त रहेगा। राज्य सरकार ने 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति पर अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई है।

आगे क्या

साइबर अपराध के खिलाफ घोषित नई सख्ती के क्रियान्वयन की रूपरेखा अभी सामने नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की इस नीति की असली परीक्षा जमीनी स्तर पर होने वाले ऑपरेशनों और न्यायिक परिणामों से होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राज्य में पुलिस मुठभेड़ों और हिरासत में कार्रवाइयों को लेकर मानवाधिकार संगठन सवाल उठाते रहे हैं। साइबर अपराधियों को ड्रग्स तस्करों के बराबर रखने की घोषणा नीतिगत दृष्टि से महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। विपक्ष की आलोचना को 'अपराधियों का साथ' बताना एक परिचित राजनीतिक फ्रेमिंग है जो जवाबदेही की असली बहस को हाशिये पर धकेल देती है। असली कसौटी यह होगी कि साइबर अपराध के मामलों में गिरफ्तारी से लेकर सजा तक की दर में कोई ठोस सुधार आता है या नहीं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम मंत्री पीयूष हजारिका ने विधानसभा में क्या कहा?
पीयूष हजारिका ने 28 जुलाई को असम विधानसभा में सरकार की सख्त पुलिसिंग नीति का बचाव किया और विपक्ष से कहा कि वह अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की आलोचना बंद करे। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों पर भी ड्रग्स तस्करों जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
असम सरकार साइबर अपराधियों के खिलाफ क्या कदम उठाएगी?
मंत्री हजारिका ने घोषणा की कि असम में साइबर अपराधियों के खिलाफ वैसी ही सख्त कार्रवाई होगी जैसी ड्रग्स तस्करों के विरुद्ध की जाती है। ऑनलाइन वित्तीय घोटालों और डिजिटल अपराधों को राज्य सरकार बड़ी चुनौती मानती है।
विपक्ष ने असम पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति क्यों जताई?
विपक्ष ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मंत्री हजारिका का कहना है कि विपक्ष एक ओर कड़े कदमों की माँग करता है और दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करता है, जो विरोधाभासी है।
असम में 'जीरो-टॉलरेंस' नीति क्या है?
असम सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति के तहत ड्रग्स तस्करी, संगठित अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध — सभी के खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई की जाती है। हाल के वर्षों में राज्य पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं।
क्या असम में पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई विवाद है?
मंत्री हजारिका ने विधानसभा में स्वीकार किया कि कुछ अपराधियों ने ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया और भाग निकले, जिससे सख्त कार्रवाई ज़रूरी हो गई। विपक्ष ने इन कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं, जिसे सरकार ने अनुचित बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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