14 अगस्त 2026
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ग्रेटर नोएडा में नकली सोना ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पाँच गिरफ्तार; ₹3 लाख नकद व 8 किलो पीली धातु बरामद

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ग्रेटर नोएडा में नकली सोना ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पाँच गिरफ्तार; ₹3 लाख नकद व 8 किलो पीली धातु बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने नकली सोने के जरिए असली ज्वैलरी और नकदी ठगने वाले पाँच सदस्यीय गिरोह को पकड़ा। आरोपियों के पास से ₹3 लाख नकद और 8 किलो से अधिक पीली धातु मिली। गिरोह ने 10 जुलाई को फ्यूजन होम्स सोसाइटी में एक महिला को निशाना बनाया था।

मुख्य बातें

बिसरख थाना पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को नकली सोना ठगी गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से ₹3 लाख नकद , 5 किलो 224 ग्राम पीली धातु के मोती और 3 किलो 338 ग्राम पीली धातु के सिक्के बरामद।
गिरोह का तरीका — नकली सोना और कागजों की गड्डी में असली नोट दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीतना, फिर असली ज्वैलरी व नकदी लेकर फरार होना।
10 जुलाई 2026 को फ्यूजन होम्स सोसाइटी में एक महिला से गले की चेन और कान के कुंडल ठगे गए थे।
सभी आरोपी मूल रूप से फिरोजाबाद के जैन नगर क्षेत्र के निवासी; नेफोवा छठ घाट की ग्रीन बेल्ट से गिरफ्तार।
पुलिस गिरोह के अन्य पीड़ितों की पहचान और पूर्व घटनाओं की जाँच में जुटी है।

ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को नकली सोना दिखाकर आम लोगों को ठगने वाले एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस गिरोह के चार पुरुष आरोपियों और एक महिला आरोपी समेत कुल पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹3 लाख नकद, 8 किलो 562 ग्राम पीली धातु, कई मोबाइल फोन और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।

ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम करते थे। पहले एक आरोपी किसी एकांत स्थान पर पीड़ित के पास बैठ जाता था। इसके बाद दूसरा आरोपी वहाँ पहुँचकर खुद को बेरोजगार बताता और दावा करता कि उसके पास बड़ी रकम है। पहला आरोपी फिर पीड़ित को यह कहकर लालच देता कि तीनों मिलकर उस रकम को आपस में बाँट सकते हैं।

विश्वास जीतने के लिए आरोपी अपनी सोने की अंगूठी (जो वास्तव में नकली होती थी) देने का नाटक करते और पीड़ित से भी असली ज्वैलरी माँगते। इसके अलावा, आरोपी कागजों की गड्डी के ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बड़ी रकम होने का भ्रम पैदा करते थे। ज्वैलरी या नकदी हाथ में आते ही दोनों आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

मुख्य घटनाक्रम

10 जुलाई 2026 को फ्यूजन होम्स सोसाइटी की मार्केट में एक महिला के साथ इसी तरीके से ठगी की घटना सामने आई। आरोपियों ने उस महिला से उसकी गले की चेन और कान के कुंडल ले लिए और मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलते ही बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। शुक्रवार को पुलिस टीम ने नेफोवा छठ घाट की ग्रीन बेल्ट से सभी पाँचों आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशोर राय (लगभग 42 वर्ष), विशाल राय (लगभग 21 वर्ष), संजू राय (लगभग 30 वर्ष), सेवा राम राय (लगभग 60 वर्ष) और मीना (लगभग 56 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से फिरोजाबाद के जैन नगर क्षेत्र के निवासी हैं और गिरफ्तारी से पहले शाहबेरी के युसुफपुर चक में रह रहे थे।

आरोपी संजू राय के कब्जे से एक अवैध चाकू भी बरामद किया गया है।

बरामदगी का ब्योरा

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से पीली धातु के दो मोतियों के गुच्छे (कुल वजन 5 किलो 224 ग्राम) और पीली धातु के सिक्के (वजन 3 किलो 338 ग्राम) बरामद हुए हैं। इसके अलावा ₹3 लाख नकद, 10 कीपैड मोबाइल फोन, 9 मोबाइल बैटरी और 6 स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं।

आगे की जाँच

पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है। बरामद पीली धातु और नकदी का किन-किन घटनाओं में इस्तेमाल हुआ, यह भी जाँच का हिस्सा है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनजान व्यक्तियों के 'लालच वाले प्रस्तावों' से सतर्क रहना कितना ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि इनका नेटवर्क स्थानीय नहीं, अंतर-जनपदीय था। असली सवाल यह है कि इस गिरोह ने कितने और पीड़ित बनाए जिन्होंने शर्म या जानकारी के अभाव में शिकायत ही नहीं की — और क्या पुलिस उन मामलों तक भी पहुँच पाएगी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा नकली सोना ठगी गिरोह कैसे काम करता था?
गिरोह के सदस्य पहले पीड़ित के पास बैठकर उसका विश्वास जीतते थे, फिर नकली सोने की अंगूठी और कागजों की गड्डी में असली नोट दिखाकर बड़ी रकम बाँटने का लालच देते थे। पीड़ित के असली ज्वैलरी या नकदी देते ही आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।
इस मामले में कितने और कौन-से आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
कुल पाँच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — किशोर राय, विशाल राय, संजू राय, सेवा राम राय और मीना। सभी मूल रूप से फिरोजाबाद के जैन नगर क्षेत्र के निवासी हैं और गिरफ्तारी से पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी युसुफपुर चक में रह रहे थे।
आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹3 लाख नकद, 5 किलो 224 ग्राम पीली धातु के मोती, 3 किलो 338 ग्राम पीली धातु के सिक्के, 10 कीपैड मोबाइल फोन, 6 स्मार्टफोन, 9 मोबाइल बैटरी और एक अवैध चाकू बरामद किया।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
बिसरख थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने नेफोवा छठ घाट की ग्रीन बेल्ट से सभी पाँचों को एक साथ गिरफ्तार किया।
क्या इस गिरोह के और भी पीड़ित हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितने लोगों को इसी तरीके से ठगा गया। बरामद नकदी और पीली धातु का किन घटनाओं से संबंध है, यह भी जाँच का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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