24 जुलाई 2026
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ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, ₹1.70 लाख की वारदातें कबूल; गांजा-कार बरामद

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ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, ₹1.70 लाख की वारदातें कबूल; गांजा-कार बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट का झाँसा देकर ठगी और गांजा बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को थाना बीटा-2 पुलिस ने दबोचा। आरोपियों ने ₹1.70 लाख से अधिक की वारदातें कबूल कीं। स्विफ्ट कार, 1.5 किग्रा गांजा और नकदी बरामद; पुलिस अन्य साथियों की तलाश में।

मुख्य बातें

थाना बीटा-2 पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा से महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपी रतन (राजस्थान, अलवर) और बरखा (दिल्ली, दिलशाद कॉलोनी) लिफ्ट के बहाने राहगीरों से ठगी करते थे।
पुलिस ने 1.5 किलोग्राम गांजा , एक मारुति स्विफ्ट कार और ₹2,500 नकद बरामद किए।
आरोपियों ने परी चौक से ₹20,000 और सेक्टर-72 से ₹1.50 लाख की ठगी स्वीकार की।
वही कार दिल्ली-एनसीआर में गांजा बेचने के लिए भी इस्तेमाल होती थी।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है।

गौतमबुद्धनगर की थाना बीटा-2 पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा के अंसल कट स्थित गंदे नाले के पास से एक शातिर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो लिफ्ट देने के बहाने राहगीरों को कार में बैठाकर उनसे नकदी और सामान लूट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.5 किलोग्राम गांजा, वारदात में इस्तेमाल की गई एक मारुति स्विफ्ट कार और ₹2,500 नकद बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रतन पुत्र अविनाश और बरखा पुत्री संतोष कुमार शामिल हैं। रतन मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ वास का निवासी है और वर्तमान में गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित कृष्णा वाटिका में रह रहा था। बरखा दिल्ली के शाहदरा थाना क्षेत्र की दिलशाद कॉलोनी की रहने वाली है। दोनों को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर दबोचा गया।

ठगी का तरीका और स्वीकृत वारदातें

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर राहगीरों को कम किराए या गंतव्य तक छोड़ने का झाँसा देकर कार में बैठाते थे और मौका मिलते ही नकदी व सामान लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस जाँच में सामने आया है कि आरोपियों ने थाना बीटा-2 क्षेत्र के परी चौक से टप्पल ले जाने के बहाने एक व्यक्ति से ₹20,000 की ठगी की। इसके अलावा थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में सेक्टर-72 से सेक्टर-19 छोड़ने का लालच देकर एक अन्य व्यक्ति से लगभग ₹1.50 लाख की ठगी करने की बात भी कबूल की गई है।

गांजा तस्करी से भी जुड़े थे आरोपी

पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल ठगी तक सीमित नहीं थे। वे इसी स्विफ्ट कार का उपयोग कर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर गांजे की पुड़ियाँ बेचते थे। बरामद 1.5 किलोग्राम गांजा इसी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से ठगी और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के उजागर होने की संभावना है।

पुलिस की अपील और आगे की जाँच

गौतमबुद्धनगर पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों की गाड़ियों में न बैठें और कम किराए या अन्य लालच के झाँसे में न आएँ। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क की गहन जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अपराधी राइड-शेयरिंग संस्कृति की आड़ लेकर भरोसे का फायदा उठाते हैं। चिंताजनक यह है कि एक ही गिरोह ठगी और नशे की तस्करी — दो अलग-अलग आपराधिक धाराओं — को एक ही वाहन से संचालित कर रहा था, जो पुलिस की निगरानी में गंभीर खामी उजागर करता है। ₹1.70 लाख की स्वीकृत वारदातें केवल वे हैं जो अब तक सामने आई हैं; असली आँकड़ा कहीं अधिक हो सकता है। जब तक गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं होती, यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट ठगी गिरोह क्या था और इसे कैसे पकड़ा गया?
यह गिरोह राहगीरों को कम किराए का लालच देकर कार में बैठाता था और मौका मिलते ही नकदी व सामान लेकर फरार हो जाता था। थाना बीटा-2 पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर अंसल कट, ग्रेटर नोएडा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में रतन पुत्र अविनाश (मूल निवासी किशनगढ़ वास, अलवर, राजस्थान; वर्तमान में गाजियाबाद) और बरखा पुत्री संतोष कुमार (दिलशाद कॉलोनी, शाहदरा, दिल्ली) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने 1.5 किलोग्राम गांजा, वारदात में इस्तेमाल की गई एक मारुति स्विफ्ट कार और ₹2,500 नकद बरामद किए। आरोपियों ने इसी कार से दिल्ली-एनसीआर में गांजे की पुड़ियाँ बेचने की बात भी स्वीकार की।
आरोपियों ने कितनी ठगी की वारदातें कबूल की हैं?
आरोपियों ने परी चौक (थाना बीटा-2 क्षेत्र) से एक व्यक्ति से ₹20,000 और सेक्टर-72 से सेक्टर-19 छोड़ने के बहाने एक अन्य व्यक्ति से लगभग ₹1.50 लाख की ठगी स्वीकार की है। पुलिस का मानना है कि कुल वारदातों की संख्या इससे अधिक हो सकती है।
पुलिस ने आम नागरिकों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी है?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों की गाड़ियों में न बैठें और कम किराए या किसी अन्य लालच के झाँसे में न आएँ। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।
राष्ट्र प्रेस
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