ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, ₹1.70 लाख की वारदातें कबूल; गांजा-कार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर की थाना बीटा-2 पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा के अंसल कट स्थित गंदे नाले के पास से एक शातिर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो लिफ्ट देने के बहाने राहगीरों को कार में बैठाकर उनसे नकदी और सामान लूट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.5 किलोग्राम गांजा, वारदात में इस्तेमाल की गई एक मारुति स्विफ्ट कार और ₹2,500 नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रतन पुत्र अविनाश और बरखा पुत्री संतोष कुमार शामिल हैं। रतन मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ वास का निवासी है और वर्तमान में गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित कृष्णा वाटिका में रह रहा था। बरखा दिल्ली के शाहदरा थाना क्षेत्र की दिलशाद कॉलोनी की रहने वाली है। दोनों को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर दबोचा गया।
ठगी का तरीका और स्वीकृत वारदातें
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर राहगीरों को कम किराए या गंतव्य तक छोड़ने का झाँसा देकर कार में बैठाते थे और मौका मिलते ही नकदी व सामान लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस जाँच में सामने आया है कि आरोपियों ने थाना बीटा-2 क्षेत्र के परी चौक से टप्पल ले जाने के बहाने एक व्यक्ति से ₹20,000 की ठगी की। इसके अलावा थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में सेक्टर-72 से सेक्टर-19 छोड़ने का लालच देकर एक अन्य व्यक्ति से लगभग ₹1.50 लाख की ठगी करने की बात भी कबूल की गई है।
गांजा तस्करी से भी जुड़े थे आरोपी
पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल ठगी तक सीमित नहीं थे। वे इसी स्विफ्ट कार का उपयोग कर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर गांजे की पुड़ियाँ बेचते थे। बरामद 1.5 किलोग्राम गांजा इसी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से ठगी और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के उजागर होने की संभावना है।
पुलिस की अपील और आगे की जाँच
गौतमबुद्धनगर पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लोगों की गाड़ियों में न बैठें और कम किराए या अन्य लालच के झाँसे में न आएँ। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क की गहन जाँच जारी है।