नमो यमुना क्रूज सफारी का ट्रायल रन शुरू, CM रेखा गुप्ता ने छठ पूजा से पहले सेवा लॉन्च का किया वादा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को 'नमो यमुना क्रूज सफारी' के ट्रायल रन का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने सोनिया विहार से जगतपुर के बीच छह किलोमीटर लंबे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सेवा की तैयारियों का जायजा लिया। राजधानी में यमुना नदी पर यह पहली क्रूज सेवा होगी, जिसे छठ महापर्व से पहले आम जनता के लिए खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'नमो यमुना क्रूज सफारी का ट्रायल रन शुरू हो गया है। आज सोनिया विहार से जगतपुर तक के छह किलोमीटर लंबे रूट का निरीक्षण किया गया और तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों को साफ-सफाई, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि छठ महापर्व से पहले इस सेवा को शुरू करने की पूरी कोशिश की जाएगी, ताकि दिल्लीवासी परिवार सहित यमुना दर्शन और क्रूज राइड का आनंद उठा सकें।
परियोजना का स्वरूप और आकर्षण
यह क्रूज सोनिया विहार और जगतपुर के बीच लगभग 4 से 6 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और प्रत्येक राइड लगभग 30 मिनट की होगी। नदी तट पर प्रस्तावित सुविधाओं में 'मां यमुना' की कहानी पर आधारित एक म्यूजिकल फाउंटेन, वॉटर स्पोर्ट्स, एक फूड पार्क और बच्चों के लिए विशेष जोन शामिल हैं। टिकट बुकिंग दिल्ली पर्यटन की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
संयुक्त प्रयास: केंद्र और दिल्ली सरकार साथ
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि नाव को नदी में उतार दिया गया है और ट्रायल रन प्रक्रिया विधिवत शुरू हो चुकी है। उन्होंने इस परियोजना को राजनीतिक सहयोग का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसे केंद्र सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली सरकार और दिल्ली पर्यटन विभाग मिलकर लागू कर रहे हैं। मिश्रा के अनुसार, 'राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर साथ मिलकर काम करने से शानदार परिणाम मिल सकते हैं।'
पर्यावरण मानकों का पालन
मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्धारित मानकों और लागू पर्यावरण नियमों के अनुरूप विकसित किया गया है। यह उल्लेखनीय है, क्योंकि यमुना नदी पहले से ही गंभीर प्रदूषण और नदी किनारे अतिक्रमण को लेकर NGT की निगरानी में है। ऐसे में परियोजना का NGT-अनुपालन दावा उसकी दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए महत्त्वपूर्ण होगा।
आम जनता पर असर और आगे का रास्ता
इस पहल का मकसद राजधानी में एक नया पर्यटन गंतव्य तैयार करना, रोज़गार के अवसर बढ़ाना और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहित करना है। ट्रायल रन पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में सेवा को औपचारिक रूप से लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में रिवरफ्रंट विकास को लेकर वर्षों से चर्चा होती रही है और यमुना की सफाई अभी भी एक अधूरा एजेंडा बनी हुई है।