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पेपर लीक पर नवीन पटनायक का सरकार को अल्टीमेटम: 'परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी से समझौता देश के भविष्य से समझौता'

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पेपर लीक पर नवीन पटनायक का सरकार को अल्टीमेटम: 'परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी से समझौता देश के भविष्य से समझौता'

सारांश

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर केंद्र सरकार को घेरा। पेपर लीक को 'देश के भविष्य से समझौता' बताते हुए संसद में तत्काल सुधार और छात्रों से सार्थक संवाद की माँग की। BJD ने युवाओं के साथ एकजुटता जताई।

मुख्य बातें

नवीन पटनायक ने 19 जुलाई को परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
पेपर लीक और प्रणालीगत खामियों को 'देश के भविष्य से समझौता' बताया।
संसद में इस मुद्दे पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ विस्तृत चर्चा और जवाबदेही तय करने की माँग।
सरकार से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों के साथ सार्थक संवाद शुरू करने की अपील।
BJD ने देश के युवाओं और छात्रों के साथ पूर्ण एकजुटता की घोषणा की।

बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 19 जुलाई को देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और प्रणालीगत खामियाँ लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इस मुद्दे पर संसद में तत्काल विस्तृत चर्चा एवं ठोस सुधार की माँग की।

शिक्षा प्रणाली पर भरोसे की दरार

पटनायक ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था ने दशकों में कुशल डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शिक्षकों की पीढ़ियाँ तैयार की हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत को आकार दिया। उन्होंने चेताया कि 'जो देश अपनी परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी से समझौता करता है, वह अपने भविष्य से भी समझौता करता है।'

उनके अनुसार, एक परीक्षा की विफलता केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं है — यह उन करोड़ों छात्रों का मनोबल तोड़ती है जो गरीबी से बाहर निकलने के लिए शिक्षा को एकमात्र साधन मानते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

संसद में सर्वोच्च प्राथमिकता की माँग

पूर्व मुख्यमंत्री ने माँग की कि यह मुद्दा संसद में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उठाया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारे लोकतंत्र के मंदिर में इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, जिससे ऐसे ठोस सुधार हो सकें जो यह सुनिश्चित करें कि पेपर लीक, दोषपूर्ण मूल्यांकन और प्रणालीगत विफलताएँ दोबारा न हों।' उन्होंने जवाबदेही तय करने की भी माँग की।

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र ऐसे समय में चल रहा है जब विपक्ष परीक्षा घोटालों को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है।

छात्रों के आंदोलन पर सरकार से संवाद की अपील

पटनायक ने राजनीतिक दलगत भावना से ऊपर उठकर सरकार से अपील की कि वह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे। उन्होंने कहा, 'एक जीवंत लोकतंत्र बातचीत से आगे बढ़ता है, न कि चुप्पी से, और यह बातचीत तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब इसमें देश के युवा शामिल हों।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए एक उचित मंच मिलना चाहिए और उनकी आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता।

BJD की युवाओं के साथ एकजुटता

पटनायक ने घोषणा की कि बीजू जनता दल (BJD) देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले युवाओं के साथ ईमानदार और खुले मन से की गई बातचीत से लोकतंत्र, शिक्षा प्रणाली और नेतृत्व में भरोसा बहाल होगा।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस माँग पर क्या रुख अपनाती है और संसद में परीक्षा सुधारों पर किस तरह की ठोस कार्रवाई सामने आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है कि ओडिशा में उनके दो दशक से अधिक के शासन में राज्य की परीक्षा प्रणाली कितनी पारदर्शी रही। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को नज़रअंदाज़ करती है। फिर भी, छात्र आंदोलन को संसदीय मंच देने की माँग लोकतांत्रिक दृष्टि से सही दिशा में है — बशर्ते यह केवल विपक्षी रणनीति तक सीमित न रहे।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवीन पटनायक ने परीक्षा प्रणाली पर क्या कहा?
नवीन पटनायक ने कहा कि पेपर लीक और प्रणालीगत खामियाँ शिक्षा की नींव में भरोसा तोड़ती हैं और 'जो देश परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी से समझौता करता है, वह अपने भविष्य से भी समझौता करता है।' उन्होंने संसद में तत्काल चर्चा और ठोस सुधारों की माँग की।
BJD ने छात्र आंदोलन पर क्या रुख अपनाया है?
BJD ने देश के युवाओं और शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों के साथ पूर्ण एकजुटता जताई है। पटनायक ने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए एक उचित मंच दिया जाए और उनके साथ सार्थक संवाद किया जाए।
पेपर लीक का छात्रों पर क्या असर पड़ता है?
पटनायक के अनुसार, पेपर लीक काबिल छात्रों को यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत का अब कोई महत्व नहीं है। यह विशेष रूप से उन छात्रों के लिए विनाशकारी है जो गरीबी से बाहर निकलने के लिए शिक्षा को एकमात्र साधन मानते हैं।
नवीन पटनायक ने संसद से क्या माँग की?
उन्होंने माँग की कि परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा संसद में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उठाया जाए, विस्तृत चर्चा हो और ऐसे ठोस सुधार लागू किए जाएँ जो पेपर लीक, दोषपूर्ण मूल्यांकन और प्रणालीगत विफलताओं की पुनरावृत्ति रोकें। साथ ही जवाबदेही भी तय की जाए।
यह मुद्दा अभी क्यों महत्वपूर्ण है?
NEET-UG सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और संसद का मानसून सत्र जारी है। ऐसे में विपक्षी नेताओं की यह माँग संसदीय दबाव को और तेज करती है।
राष्ट्र प्रेस
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